Гузашти умри сбкрў ба хӯрду хоби тамом
گذشت عمر سبکرو به خورد و خواب تمام
Ба шӯраи зори марои сарфи гашти оби тамом
به شوره زار مرا صرف گشت آب تمام
Чаҳ ҳосиласт зи қурби гуҳар чу риштаи маро
چه حاصل است ز قرب گهر چو رشته مرا
Чу мади умри саромад ба печу тоби тамом
چو مد عمر سرآمد به پیچ و تاب تمام
Чу моҳи нав ба тамомӣ ба ҳам шикани худ ро
چو ماه نو به تمامی به هم شکن خود را
Ки дар ду ҳафта кунад бозати офтоби тамом
که در دو هفته کند بازت آفتاب تمام
Чаҳ ҳоҷатаст ба тасбеҳи сол , умри маро
چه حاجت است به تسبیح سال، عمر مرا
Ки мешавад ба як ангушти ин ҳисоби тамом
که می شود به یک انگشت این حساب تمام
Нагаштааст чунон рӯй мо сияҳи зи гуноҳ
نگشته است چنان روی ما سیه ز گناه
Ки рӯсиёҳии моро кунад хизоби тамом
که روسیاهی ما را کند خضاب تمام
Тамомии дили ошиқ ба дарду доғ буд
تمامی دل عاشق به درد و داغ بود
Агар ба ганҷ шавад хонаи хароби тамом
اگر به گنج شود خانه خراب تمام
Ба чашми равшани худ пои миҳмони ҷода
به چشم روشن خود پای میهمان جاده
Ки ҳеҷ хона зин нест бе рикоби тамом
که هیچ خانه زین نیست بی رکاب تمام
Мадаи ғубор ба хотири зи хати мишкӣни роҳ
مده غبار به خاطر ز خط مشکین راه
Ки ҳис гардад азин анбарин ниқоби тамом
که حس گردد ازین عنبرین نقاب تمام
Дар он чаман ки ту аз рух ниқоб бурдорӣ
در آن چمن که تو از رخ نقاب برداری
Насими дафтари гулро диҳад ба оби тамом
نسیم دفتر گل را دهد به آب تمام
Магари насим ба гулзори буии зулфи ту барад
مگر نسیم به گلزار بوی زلف تو برد
Ки хӯни лолау гули гашти машки ноби тамом
که خون لاله و گل گشت مشک ناب تمام
Касе назари зи саропоӣ ӯ куҷо фиканд
کسی نظر ز سراپای او کجا فکند
Ки ҳаст дафтари гули фарди интихоби тамом
که هست دفتر گل فرد انتخاب تمام
Сафои он лаб мегаван зи хати сабзи афзуд
صفای آن لب میگون ز خط سبز افزود
Чунон ки аз раг талхӣ шавад шароби тамом
چنان که از رگ تلخی شود شراب تمام
зи абри раҳмат ишқаст обдории ҳасан
ز ابر رحمت عشق است آبداری حسن
Ки оби дидаи булбул буд гулоби тамом
که آب دیده بلبل بود گلاب تمام
зи бода то арақ олуд гашти чеҳраи ёр
ز باده تا عرق آلود گشت چهره یار
Расонади хонаи як шаҳрро ба оби тамом
رساند خانه یک شهر را به آب تمام
Дигар чаҳ чора кунам то ту бе ҳиҷоби шӯй
دگر چه چاره کنم تا تو بی حجاب شوی
Ки май ба чашм ту шуд пардаи ҳиҷоби тамом
که می به چشم تو شد پرده حجاب تمام
Ба чашм ҳар ки чу маҷнӯн шавад биёбони гирд
به چشم هر که چو مجنون شود بیابان گرد
Саводи шаҳр буд ояи азоби тамом
سواد شهر بود آیه عذاب تمام
Забони калаки ту соиб ҳамеша гуё бод !
زبان کلک تو صائب همیشه گویا باد!
Ки ҳаст фикри ту якдасти интихоби тамом
که هست فکر تو یکدست انتخاب تمام