Маро ки ҳаст ба дили кӯҳи оҳан аз мардум
مرا که هست به دل کوه آهن از مردم
Сабк чигуна тавонам гузаштан аз мардум
سبک چگونه توانم گذشتن از مردم
Ҳазор ранги гул аз хори пой худ чинанд
هزار رنگ گل از خار پای خود چینند
Ҷамоатӣ ки нахоҳанд сӯзан аз мардум
جماعتی که نخواهند سوزن از مردم
Ба чори муваҷҷаҳи раду қабули тан дар даҳ
به چار موجه رد و قبول تن در ده
Туро ки нест муяссари гусастан аз мардум
ترا که نیست میسر گسستن از مردم
Ту он замони сари айёр пешагон бошӣ
تو آن زمان سر عیار پیشگان باشی
Ки хешро битавонӣ рубудан аз мардум
که خویش را بتوانی ربودن از مردم
Ба чашми бастаи гул аз хор ме тавон чидан
به چشم بسته گل از خار می توان چیدن
Ба эътизоли тавон тараф бастан аз мардум
به اعتزال توان طرف بستن از مردم
Агарна тирагии оради тамаъ чаро соил
اگرنه تیرگی آرد طمع چرا سایل
Чароғ май талабади рӯзи равшан аз мардум
چراغ می طلبد روز روشن از مردم
Бароваранд сар аз ҷайби осмони соиб
برآورند سر از جیب آسمان صائب
Ҷамоатӣ ки кашиданд доман аз мардум
جماعتی که کشیدند دامن از مردم