зи фикри пучи дарин шӯраи зор бе ҳосил

ز فکر پوچ درین شوره زار بی حاصل

Аннани гусастатар аз муваҷҷаҳ сероб шудам

عنان گسسته تر از موجه سیراب شدم

Ту аз назораи рухсор худ машав ғофил

تو از نظاره رخسار خود مشو غافل

Ки ман зи ҳуши зи назора ниқоб шудам

که من ز هوش ز نظاره نقاب شدم

зи пушти по ки барӣн хокдон задам соиб

ز پشت پا که براین خاکدان زدم صائب

Ба як нафас чу Масеҳи осмон рикоб шудам

به یک نفس چو مسیح آسمان رکاب شدم

Дарин риёз чу шабнам агар чаҳ об шудам

درین ریاض چو شبنم اگر چه آب شدم

Хушам ки маҳви тамошоӣ офтоб шудам

خوشم که محو تماشای آفتاب شدم

Аҷаб ки субҳи қиёмат маро кунад бедор

عجب که صبح قیامت مرا کند بیدار

Ки аз назораи он чашми маст хоб шудам

که از نظاره آن چشم مست خواب شدم

Умеди ганҷи гуҳари об дар гулам дорад

امید گنج گهر آب در گلم دارد

зи трктози муҳаббат агар хароб шудам

ز ترکتاز محبت اگر خراب شدم

зи печу тоб агар ришта мешавад кӯтоҳ

ز پیچ و تاب اگر رشته می شود کوتاه

Яке ҳазор ман аз машқи печ ва тоб шудам

یکی هزار من از مشق پیچ و تاب شدم

Ваболи доман гул нест хӯни булбули ман

وبال دامن گل نیست خون بلبل من

Ки ман ба шуълаи овози худ кабоб шудам

که من به شعله آواز خود کباب شدم

Ба сайри чашмии ман гавҳарӣ надошт муҳӣт

به سیر چشمی من گوهری نداشت محیط

зи чашми шӯри тиҳии чашм чун ҳубоб шудам

ز چشم شور تهی چشم چون حباب شدم