зи буии бодаи гулранг май пурди рангам

ز بوی باده گلرنگ می پرد رنگم

зи барқи шиша меоб мешавад сангам

ز برق شیشه می آب می شود سنگم

Чаро далер набошад ғанӣам дар ҷангам

چرا دلیر نباشد غنیم در جنگم

Ки то ба шиша расад об мешавад сангам

که تا به شیشه رسد آب می شود سنگم

Ба оби гавҳари ман ғӯта мехӯрд хуршед

به آب گوهر من غوطه می خورد خورشید

Пиёла аз ҷигар лаъл мезанад рангам

پیاله از جگر لعل می زند رنگم

Ғубори ҳодиса дар айни серумаи соииҳост

غبار حادثه در عین سرمه ساییهاست

Нафас чигуна кашад булбули хуши оҳангам

نفس چگونه کشد بلبل خوش آهنگم

Гулам вале ҷигар шер додаанд маро

گلم ولی جگر شیر داده اند مرا

зи офтоби таҷаллӣ наме пурди рангам

ز آفتاب تجلی نمی پرد رنگم

Ба як ду ҷуръаи дигари хароб май гирдам

به یک دو جرعه دیگر خراب می گردم

Ба як ду муваҷҷаҳи дигар ба баҳри икрнгм

به یک دو موجه دیگر به بحر یکرنگم

Навой ман дили ушшоқро ба ҷӯши орад

نوای من دل عشاق را به جوش آرد

Ба гӯши мардуми бидрди хориҷи оҳангам

به گوش مردم بیدرد خارج آهنگم

Чунон зи сардии олами фусурдаи дил шуда ам

چنان ز سردی عالم فسرده دل شده ام

Ки захми тешаи шарар бар наёрад аз сангам

که زخم تیشه شرر بر نیارد از سنگم

Чаҳ шуд ки синаи мӯрӣ наметавонам хаст

چه شد که سینه موری نمی توانم خست

Ки дар хароши дили хеши оҳанӣни чангам

که در خراش دل خویش آهنین چنگم

Шикастаи поеи ман шавқро зи пои андохт

شکسته پایی من شوق را ز پا انداخت

Гиреҳ ба кор фалохан фитод аз сангам

گره به کار فلاخن فتاد از سنگم

Чу тори чанги дили хешро гудохта ам

چو تار چنگ دل خویش را گداخته ام

Ки омадааст сари зулфи фикр дар чангам

که آمده است سر زلف فکر در چنگم

Магари фалохани тавфиқи даст ман гирад

مگر فلاخن توفیق دست من گیرد

Ки пои шикаста чу санги нишони фарсангам

که پا شکسته چو سنگ نشان فرسنگم

Ту каз сипеҳри буруни рафтае ба хеши бибол

تو کز سپهر برون رفته ای به خویش ببال

Ки ман ба зери фалаки сабзаи таҳи сангам

که من به زیر فلک سبزه ته سنگم

Агар чаҳ талхи ҷабинам чу нешикари соиб

اگر چه تلخ جبینم چو نیشکر صائب

Шукр ба танг фитодааст дар дили тангам

شکر به تنگ فتاده است در دل تنگم