зи хати таровати рухсори ёр май байнам

ز خط طراوت رخسار یار می بینم

Сафои оинаро аз ғубор май байнам

صفای آینه را از غبار می بینم

Кадоми сӯхта ҷон гаштааст гирди сарат

کدام سوخته جان گشته است گرد سرت

Ки моҳ рӯй турои ҳолаи дор май байнам

که ماه روی ترا هاله دار می بینم

зи лоли Хизри турои пеш марг хоҳад шуд

ز لال خضر ترا پیش مرگ خواهد شد

Чунин ки сарви турои пойдор май байнам

چنین که سرو ترا پایدار می بینم

зи васл рӯй ту гули чид ҳар ки чашмӣ дошт

ز وصل روی تو گل چید هر که چشمی داشت

Ҳамин манам ки раҳи интизор май байнам

همین منم که ره انتظار می بینم

Магар дар оинаи имрӯзи дидае худ ро

مگر در آینه امروز دیده ای خود را

Ки оби оинаро биқрор май байнам

که آب آینه را بیقرار می بینم

Матоъ ҳар ду ҷаҳонро ба об хоҳад дод

متاع هر دو جهان را به آب خواهد داد

Тароватӣ ки ба рухсори ёр май байнам

طراوتی که به رخسار یار می بینم

Ҳиҷоби дидаи ҳақ байн намешавад касрат

حجاب دیده حق بین نمی شود کثرت

Ту гирд майнигарӣ , ман савор май байнам

تو گرد می نگری، من سوار می بینم

зи хок , чашми марои ҳамчуи дом сирӣ нест

ز خاک، چشم مرا همچو دام سیری نیست

Ҳамон зи ҳирс ба роҳи шикор май байнам

همان ز حرص به راه شکار می بینم

Ба дасти лангар таслим додаанд маро

به دست لنگر تسلیم داده اند مرا

Миёни баҳри ҳузури канор май байнам

میان بحر حضور کنار می بینم

Ҳиҷоби дида , ман нест чун шарари ғифлат

حجاب دیده، من نیست چون شرر غفلت

Даруни сангаму роҳи фирор май байнам

درون سنگم و راه فرار می بینم

Ба фикри тавба дар айёми перии афтодам

به فکر توبه در ایام پیری افتادم

Раҳи наҷот ба шамъи мазор май байнам

ره نجات به شمع مزار می بینم

зи биўФоиии ин боғу бӯстони соиб

ز بیوفایی این باغ و بوستان صائب

Гули пиёдаи худро савор май байнам

گل پیاده خود را سوار می بینم