Паёми дӯсти зи боди баҳор май шинавам
پیام دوست ز باد بهار میشنوم
зи чоки синаи гули буии ёр май шинавам
ز چاک سینه گل بوی یار میشنوم
Ҷунуни ман чаҳ аҷабгар яке ҳазор шавад ?
جنون من چه عجب گر یکی هزار شود؟
Ки васфи гули зи забони ҳазор май шинавам
که وصف گل ز زبان هزار میشنوم
Ҳазор нуктаи сарбаста бе миёнҷии ҳарф
هزار نکته سربسته بیمیانجی حرف
зи ғунчаи даҳани танги ёр май шинавам
ز غنچه دهن تنگ یار میشنوم
Аз он зи сайри чаман май барам зи худ пайванд
از آن ز سیر چمن میبرم ز خود پیوند
Ки зикри арраи з ҳар шохсор май шинавам
که ذکر اره ز هر شاخسار میشنوم
Чаҳ оташаст ки дар мағзи хок афтодааст ?
چه آتش است که در مغز خاک افتاده است؟
Ки алътши зи лаби ҷӯйбор май шинавам
که العطش ز لب جویبار میشنوم
Маро чу тешаи Фарҳод май харошади дил
مرا چو تیشه فرهاد میخراشد دل
Садои Кебек агар аз кӯҳсор май шинавам
صدای کبک اگر از کوهسار میشنوم
Шикоятӣаст ки мардуми з икдгр доранд
شکایتی است که مردم ز یکدگر دارند
Ҳикоятӣ ки дарин рӯзгор май шинавам
حکایتی که درین روزگار میشنوم
Гузашт аз дили гарм ки хати мишкӣнат ?
گذشت از دل گرم که خط مشکینت؟
Ки буии сӯхтагӣ зон ғубор май шинавам
که بوی سوختگی زان غبار میشنوم
Мабод нақш касе бдншин шавад ёрб
مباد نقش کسی بدنشین شود یارب
Миён ба ҳараму таъни канор май шинавам
میان به حرم و طعن کنار میشنوم
Ба гӯш , пунбаи симоб май нуҳуми соиб
به گوش، پنبه سیماب مینهم صائب
Заҳр ки ҳарфи дил беқарор май шинавам
زهر که حرف دل بیقرار میشنوم