Доғ бар дил шудам аз анҷумани ёри бурун
داغ بر دل شدم از انجمن یار برون
Даст холӣ натавон рафт зи гулзори берун
دست خالی نتوان رفت ز گلزار بیرون
Боди занҷирии ин роҳи пар аз печ ва хам аст
باد زنجیری این راه پر از پیچ و خم است
Дил чисон ояд азон турраи таррори бурун ?
دل چسان آید ازان طره طرار برون؟
Дар риёзӣ ки буд дидаи булбули шабнам
در ریاضی که بود دیده بلبل شبنم
Наравад буии гул аз рахнаи девори бурун
نرود بوی گل از رخنه دیوار برون
Гарчи борӣк чу сӯзан шудам аз диққати фикр
گرچه باریک چو سوزن شدم از دقت فکر
Раҳравиро накашидам зи қадами хори бурун
رهروی را نکشیدم ز قدم خار برون
Дили сармаст агар бор амонат накушуд
دل سرمست اگر بار امانت نکشد
Кист ояд дигар аз ӯҳдаи ин кори бурун ?
کیست آید دگر از عهده این کار برون؟
Бемуҳаррик нашавад ҳеҷ суханвар гуё
بی محرک نشود هیچ سخنور گویا
Нағма безахма наёяд зи раги тори бурун
نغمه بی زخمه نیاید ز رگ تار برون
Ҳар ки авқот кунад сарф ба наққодии халқ
هر که اوقات کند صرف به نقادی خلق
намеравад зуди туҳидасти зи бозори бурун
می رود زود تهیدست ز بازار برون
Каҷӣ аз тинати нодон ба насиҳат наравад
کجی از طینت نادان به نصیحت نرود
Ки наёяд ба фусуни печу хам аз мори бурун
که نیاید به فسون پیچ و خم از مار برون
Рахна дар сад Сикандар кунад осони соиб
رخنه در سد سکندر کند آسان صائب
Ҳар ки ояд зи пас пардаи пиндори бурун
هر که آید ز پس پرده پندار برون