Равоқ чарх шуд аз шамъи калаки ман равшан

رواق چرخ شد از شمع کلک من روشن

Ки дидааст зи як шамъ на лагани равшан ?

که دیده است ز یک شمع نه لگن روشن؟

Агар чароғи Суҳайл аз насим кушта шавад

اگر چراغ سهیل از نسیم کشته شود

Тавон намӯдан аз себи он зқни равшан

توان نمودن از سیب آن ذقن روشن

Аҷаб набошад агар сарнавишт хон шуда ам

عجب نباشد اگر سرنوشت خوان شده ام

Ки гашт аз хати соғари саводи ман равшан

که گشت از خط ساغر سواد من روشن

Ситораи сӯхтагии холи чеҳра сухан аст

ستاره سوختگی خال چهره سخن است

зи нуқтаи резӣ калакаст ин сухани равшан

ز نقطه ریزی کلک است این سخن روشن

Тавон зи захм гирифтани айёри ҷавҳари теғ

توان ز زخم گرفتن عیار جوهر تیغ

зи ҷӯии шер буд ҳоли кӯҳкани равшан

ز جوی شیر بود حال کوهکن روشن

Ки раҳи буруни зи нҳонхонаҳи адам май барад ?

که ره برون ز نهانخانه عدم می برد؟

Нагашта субҳи шикарханд азон даҳани равшан

نگشته صبح شکرخند ازان دهن روشن

Чароғи дили зи ҷигари гӯша равшанӣ гирад

چراغ دل ز جگر گوشه روشنی گیرد

Шуд аз ақиқи лабати дидаи Ямани равшан

شد از عقیق لبت دیده یمن روشن

Ҳадиси рост мунаввар кунад ҷаҳони соиб

حدیث راست منور کند جهان صائب

з рӯй субҳ буд сидқи ин сухани равшан

ز روی صبح بود صدق این سخن روشن