Дилдор рафту баради дили хоксори ман

دلدار رفت و برد دل خاکسار من

Якбор шуд з даст кунаду шикори ман

یکبار شد ز دست کند و شکار من

Рафтӣ ва рафт бо ту дил бе қарори ман

رفتی و رفت با تو دل بی قرار من

Якбор шуд тиҳии зи ду гавҳари канори ман

یکبار شد تهی ز دو گوهر کنار من

Май буд саҳли кори дил ғам кашида ам

می بود سهل کار دل غم کشیده ام

Будӣ ба ҷои хеш агар ғмгсори ман

بودی به جای خویش اگر غمگسار من

Воҳсрто ки чун гули раъно ба бод рафт

واحسرتا که چون گل رعنا به باد رفت

Дар як нафаси хазони ману навбаҳори ман

در یک نفس خزان من و نوبهار من

Аз ним ҷони ман ба чаҳ тақсир даст дошт ?

از نیم جان من به چه تقصیر دست داشت؟

Шухӣ ки баради сабру шикебу қарори ман

شوخی که برد صبر و شکیب و قرار من

Бории маро ба доғи ҷудоӣ чу сӯхтӣ

باری مرا به داغ جدایی چو سوختی

Ғофил машав зи ҳоли дили доғдори ман

غافل مشو ز حال دل داغدار من

Сабрӣ ки буд пушти умедами азу ба кӯҳ

صبری که بود پشت امیدم ازو به کوه

Дар рӯзгор ҳиҷр наомад ба кори ман

در روزگار هجر نیامد به کار من

Боғу баҳори ман зи ҷаҳони домани ту буд

باغ و بهار من ز جهان دامن تو بود

Дигар ба доман ки нишинад ғубори ман ?

دیگر به دامن که نشیند غبار من؟

Оё буд ба гиряи шодӣ бадал шавад

آیا بود به گریه شادی بدل شود

Ин гиряҳои талхи шаби интизори ман ?

این گریه های تلخ شب انتظار من؟

Соиби таронае ки бишӯяд зи дили ғубор

صائب ترانه ای که بشوید ز دل غبار

Имрӯз нест ҷузи сухани обдори ман

امروز نیست جز سخن آبدار من