Дил кӣ расад ба васли ту эй срўнози ман ?
دل کی رسد به وصل تو ای سروناز من؟
Як кӯчааст зулфи зи роҳи дарози ман
یک کوچه است زلف ز راه دراز من
Чун буии гул ки мешавад аз барги бештар
چون بوی گل که می شود از برگ بیشتر
Бепарда шуд зи парда бисёр рози ман
بی پرده شد ز پرده بسیار راز من
Ғайр аз баҳори хушки маро дар бисот нест
غیر از بهار خشک مرا در بساط نیست
эй вой агар қабул науфтад ниёзи ман
ای وای اگر قبول نیفتد نیاز من
Хӯнӣ ки буд дар дили ман машк ноб шуд
خونی که بود در دل من مشک ناب شد
То шуд бадал ба ишқи ҳақиқии муҷози ман
تا شد بدل به عشق حقیقی مجاز من
Аз хоме ки дар раг ва дар реша ман аст
از خامیی که در رگ و در ریشه من است
На бута тофтааст фалак дар гудози ман
نه بوته تافته است فلک در گداز من
Хунобааш ба субҳи қиёмат шафақ диҳад
خونابه اش به صبح قیامت شفق دهد
Нохун ба ҳар дилӣ ки занад шоҳбози ман
ناخن به هر دلی که زند شاهباز من
Дилҳо агар зи санг буд мешавад кабоб
دلها اگر ز سنگ بود می شود کباب
Дар маҳфилӣ ки бода кашад длнўози ман
در محفلی که باده کشد دلنواز من
Боман ҳамеша буд фалак дар мақоми ноз
بامن همیشه بود فلک در مقام ناز
Ин парда ҳо нагашт мувофиқ ба сози ман
این پرده ها نگشت موافق به ساز من
Зон дасти пеши рӯ ба дуо бардаам , мабод
زان دست پیش رو به دعا برده ام، مباد
Бар рӯй ман зананд млоики намози ман
بر روی من زنند ملایک نماز من
Соиби ҷузи он ягона ки дар даст ӯст дил
صائب جز آن یگانه که در دست اوست دل
Фориғ буд з ҳар ду ҷаҳони покбози ман
فارغ بود ز هر دو جهان پاکباز من