Зини гиряҳо ки ҳаст гиреҳ дар гулӯии ман

زین گریه ها که هست گره در گلوی من

Пайдо шавад ду захми намоён ба рӯй ман

پیدا شود دو زخم نمایان به روی من

Наздик шуд ки ҷӯши шикояти бароварам

نزدیک شد که جوش شکایت برآورم

Зарфи ҳазор баҳр надорад сабуии ман

ظرف هزار بحر ندارد سبوی من

Ёрб чаҳ толеъаст ки ҳаргиз хато нашуд

یارب چه طالع است که هرگز خطا نشد

Тири ҳаводис аз бадани ҳамчуи мӯии ман

تیر حوادث از بدن همچو موی من

Шуд гарданами зи гардани қамарии сиёҳтар

شد گردنم ز گردن قمری سیاهتر

Аз бас ки ашки даст наад бар гулӯии ман

از بس که اشک دست نهد بر گلوی من

Аз бе касе ба оинагар рӯбарӯ шавам

از بی کسی به آینه گر روبرو شوم

Сад ҳарфи сахт , оина гуяд ба рӯй ман

صد حرف سخت، آینه گوید به روی من

Чун субҳ , чоки синаи ман бахя гир нест

چون صبح، چاک سینه من بخیه گیر نیست

Исо макун ба риштаи Марями руфӯии ман

عیسی مکن به رشته مریم رفوی من

Ақлам бурун намеравад аз сар ба зӯр май

عقلم برون نمی رود از سر به زور می

Холӣ намешавад зи Флотўни кадуии ман

خالی نمی شود ز فلاطون کدوی من

Ойӣнаам зи гирди кудурат бараҳна аст

آیینه ام ز گرد کدورت برهنه است

Пайваста соф мегузарад оби ҷӯии ман

پیوسته صاف می گذرد آب جوی من

Ҳар чанд хокмол маро дод рӯзгор

هر چند خاکمال مرا داد روزگار

Розӣ нашуд ба нанги талаби обрӯии ман

راضی نشد به ننگ طلب آبروی من

Соиби зи бас ки ҳарфи гул рӯй ӯ задам

صائب ز بس که حرف گل روی او زدم

Сад андалеб маст шуд аз гуфтугӯии ман

صد عندلیب مست شد از گفتگوی من