Ҳар тираи дили куҷои шунӯди буии перҳан ?

هر تیره دل کجا شنود بوی پیرهن؟

Дилҳои босафои шунӯди буии перҳан

دلهای باصفا شنود بوی پیرهن

Ёқӯби мо зи чашм чу дастори хештан

یعقوب ما ز چشم چو دستار خویشتن

Бе миннати сабои шунӯди буии перҳан

بی منت صبا شنود بوی پیرهن

Аз файзи оми ҳасани баҳори он ки огаҳ аст

از فیض عام حسن بهار آن که آگه است

Аз сабзау гёи шунӯди буии перҳан

از سبزه و گیا شنود بوی پیرهن

Чун офтоби сари з гиребон баровард

چون آفتاب سر ز گریبان برآورد

Ҳар заррае ҷудои шунӯди буии перҳан

هر ذره ای جدا شنود بوی پیرهن

Дилдодае ки бохабар аз шарм Юсуф аст

دلداده ای که باخبر از شرم یوسف است

Мушкил ки аз ҳаёи шунӯди буии перҳан

مشکل که از حیا شنود بوی پیرهن

Ҳар кас ки роҳи барад ба он маънии латиф

هر کس که راه برد به آن معنی لطیف

Аз ҳарфи ошнои шунӯди буии перҳан

از حرف آشنا شنود بوی پیرهن

Рӯзӣ ки буд домани Юсуф ба дасти ман

روزی که بود دامن یوسف به دست من

Нагузоштам сабои шунӯди буии перҳан

نگذاشتم صبا شنود بوی پیرهن

Зон Юсуфи латиф ҳиҷобаст ҳар чаҳ ҳаст

زان یوسف لطیف حجاب است هر چه هست

Ёқӯби мо чаро шунӯди буии перҳан ?

یعقوب ما چرا شنود بوی پیرهن؟

То дил ба ҷост парда нишинаст файзи ҳасан

تا دل به جاست پرده نشین است فیض حسن

Чун рафт дили зи ҷои шунӯди буии перҳан

چون رفت دل ز جا شنود بوی پیرهن

Дар даъвии муҳаббати гулгар дурӯӣ нест

در دعوی محبت گل گر دوروی نیست

Булбули ҳам аз навои шунӯди буии перҳан

بلبل هم از نوا شنود بوی پیرهن

Ҳар кас ки аз ҷаҳони фанои гӯша Эй гирифт

هر کس که از جهان فنا گوشه ای گرفت

Аз олами бақои шунӯди буии перҳан

از عالم بقا شنود بوی پیرهن

Соиби чунин ки маст шкрхўоб ғифлатем

صائب چنین که مست شکرخواب غفلتیم

Мушкил ки мағзи мо шунӯди буии перҳан

مشکل که مغز ما شنود بوی پیرهن