з гул фузуд марои хорхори хандаи ту
ز گل فزود مرا خارخار خنده تو
Ки нест хандаи гул дар шумори хандаи ту
که نیست خنده گل در شمار خنده تو
Марои зи сайри гулистони насиб хамёза аст
مرا ز سیر گلستان نصیب خمیازه است
Ки нашканад қадаҳи гули хумори хандаи ту
که نشکند قدح گل خمار خنده تو
Шудааст гули абас аз барги сар ба сари нохун
شده است گل عبث از برگ سر به سر ناخن
Грҳгшоиии длҳости кори хандаи ту
گرهگشایی دلهاست کار خنده تو
Ту чун даҳан ба шикархандаи вокнӣ чун субҳ
تو چون دهن به شکرخنده واکنی چون صبح
Кунад фалаки зари анҷуми нисори хандаи ту
کند فلک زر انجم نثار خنده تو
Гушӯд лаб ба шикархандаи ғунчаи тасвир
گشود لب به شکرخنده غنچه تصویر
Нашуд ки гул кунад аз лаби баҳори хандаи ту
نشد که گل کند از لب بهار خنده تو
Дарой аз дирам эй субҳи орзӯмандон
درآی از درم ای صبح آرزومندان
Ки сӯхти шамъи ман аз интизори хандаи ту
که سوخت شمع من از انتظار خنده تو
зи офтоб чаро меҳр бар даҳан дорад ?
ز آفتاب چرا مهر بر دهن دارد؟
Агар на субҳ буд шармсори хандаи ту
اگر نه صبح بود شرمسار خنده تو
Кунад насими гиребони ғунчаро сад чок
کند نسیم گریبان غنچه را صد چاک
Даҳан чигуна шавад пардаи дори хандаи ту ?
دهن چگونه شود پرده دار خنده تو؟
Тараф чигуна шавад бо рухи ту моҳ , ки субҳ
طرف چگونه شود با رخ تو ماه، که صبح
зи офтоб буд доғдори хандаи ту
ز آفتاب بود داغدار خنده تو
зи шӯри ҳашари нмксўд то ба кӣ гардад ?
ز شور حشر نمکسود تا به کی گردد؟
Дили ду ним ман аз раҳгузори хандаи ту
دل دو نیم من از رهگذار خنده تو
Даҳони ғунча ба лаб меҳр дорад аз шабнам
دهان غنچه به لب مهر دارد از شبنم
зи баси хаҷал шуда дар рӯзгори хандаи ту
ز بس خجل شده در روزگار خنده تو
Буд зи қанди мукаррари ҳаловаташи афзӯн
بود ز قند مکرر حلاوتش افزون
Гирифтаем мукаррари айёри хандаи ту
گرفته ایم مکرر عیار خنده تو
Чу шамъи субҳ ҳамин орзӯаст соиб ро
چو شمع صبح همین آرزوست صائب را
Ки ҷони хеши намояди нисори хандаи ту
که جان خویش نماید نثار خنده تو