Кардам агар чаҳ ҳар ду ҷаҳони рӯнамои ту
کردم اگر چه هر دو جهان رونمای تو
Аз бе бизоъатии хаҷалам аз лақои ту
از بی بضاعتی خجلم از لقای تو
Ояд ба ҳоли худ зи тамошои офтоб
آید به حال خود ز تماشای آفتاب
Шуд чашм ҳар ки хираи зи нуру сафои ту
شد چشم هر که خیره ز نور و صفای تو
Сад пардааст беш зи зулмати ҳиҷоби нур
صد پرده است بیش ز ظلمت حجاب نور
Натавон з шарм кард назар бар лақои ту
نتوان ز شرم کرد نظر بر لقای تو
Ашкаш чу оби оина бар ҷой хушк монад
اشکش چو آب آینه بر جای خشک ماند
Чашмӣ ки дид дар рух ҳайрат физой ту
چشمی که دید در رخ حیرت فزای تو
Аз домани ту даст надорам ба саркашӣ
از دامن تو دست ندارم به سرکشی
То ҳамчуи зулфи срнгзорм ба пои ту
تا همچو زلف سرنگذارم به پای تو
Чун рӯй моҳи Мисри з силӣ шавад кабӯд
چون روی ماه مصر ز سیلی شود کبود
Гар барг гул кунанд азизони қабои ту
گر برگ گل کنند عزیزان قبای تو
Аз дўрбоши нози ту , аз сргзштгон
از دورباش ناز تو، از سرگذشتگان
Ҷузи кокул ту нест касе дар қафоӣ ва
جز کاکل تو نیست کسی در قفای و
Чун брхўрми з дидани рӯят , ки ме шавад
چون برخورم ز دیدن رویت، که می شود
Табли раҳили ҳуши ман овози пои ту
طبل رحیل هوش من آواز پای تو
Бар хештани бибол ки дар қулзуми вуҷӯд
بر خویشتن ببال که در قلزم وجود
Ҳамчун ҳубоб нест сиррӣ бе ҳавои ту
همچون حباب نیست سری بی هوای تو
Аз накҳати ду рӯзаи гул бениёз кард
از نکهت دو روزه گل بی نیاز کرد
Моро гул ҳамеша баҳори ҳинои ту
ما را گل همیشه بهار حنای تو
Афғон ки кард дасти ман мӯшикоф ро
افغان که کرد دست من موشکاف را
Чун шонаи хушк , ҳайрати зулфи расои ту
چون شانه خشک، حیرت زلف رسای تو
Инсоф нест ронданаш аз остони хеш
انصاف نیست راندنش از آستان خویش
Соиб ки сохт нақди дилу дайни фидои ту
صائب که ساخت نقد دل و دین فدای تو