з рафтан ту зи ҷисми заъифи ҷони рафта

ز رفتن تو ز جسم ضعیف جان رفته

эй аз сари ин мушти устихони рафта

همای از سر این مشت استخوان رفته

Ду давлатаст ки якбор орзӯ дорам

دو دولت است که یکبار آرزو دارم

Ту дар канори ману шарм аз миёни рафта

تو در کنار من و شرم از میان رفته

Ба навбаҳори чунон ғаррае ки пиндорӣ

به نوبهار چنان غره ای که پنداری

Ки хор дар қадами мавсими хазони рафта

که خار در قدم موسم خزان رفته

Умеди гӯшаи чашмам ба дастгирӣ туаст

امید گوشه چشمم به دستگیری توست

Ки дар рикоби ту аз дасти ман Аннани рафта

که در رکاب تو از دست من عنان رفته

Кулоҳи гӯшаи дӯдам ба арш сояида аст

کلاه گوشه دودم به عرش ساییده است

Ҳадиси ишқи ту ҳаргоҳ бар забони рафта

حدیث عشق تو هرگاه بر زبان رفته