эй ки фикри чораи беморӣ дил ме кунӣ

ای که فکر چاره بیماری دل می‌کنی

Нисбати худро ба чашми ёр ботил ме кунӣ

نسبت خود را به چشم یار باطل می‌کنی

Нест ҷои хуррамии мотами сарои осмон

نیست جای خرمی ماتم‌سرای آسمان

Зери теғ аз содаи лавҳии рақс бсмл ме кунӣ

زیر تیغ از ساده‌لوحی رقص بسمل می‌کنی

намекунад аз ҳар сари мӯяти сифедии роҳи марг

می‌کند از هر سر مویت سفیدی راه مرگ

Ту зи ғифлат ҳамчунон таъмир манзил ме кунӣ

تو ز غفلت همچنان تعمیر منزل می‌کنی

Май туоне сад дили вайронаро обод кард

می‌توانی صد دل ویرانه را آباد کرد

Аз зару сими ончии сарфи хона гул ме кунӣ

از زر و سیم آنچه صرف خانه گل می‌کنی

Бо ту аз дунё наёяд ҷузи амали чизе ба хок

با تو از دنیا نیاید جز عمل چیزی به خاک

Моя ҳасрат шавад нақдӣ ки ҳосил ме кунӣ

مایه حسرت شود نقدی که حاصل می‌کنی

Қад чу хам гардид ғофили зистан аз ақл нест

قد چو خم گردید غافل زیستن از عقل نیست

Хоб то кӣ зери ин девор моил мекунӣ ?

خواب تا کی زیر این دیوار مایل می‌کنی؟

эй ки дунболи такаллуф май рӯй чун ғофилон

ای که دنبال تکلف می‌روی چون غافلان

Зиндагӣу маргро бар хеш мушкил ме кунӣ

زندگی و مرگ را بر خویش مشکل می‌کنی

Нест ҷои донаи умеди ин меҳнати саро

نیست جای دانه امید این محنت‌سرا

Дар замини шӯраи тухми хеш ботил ме кунӣ

در زمین شوره تخم خویش باطل می‌کنی

Риштаи умрӣ ки доми матлаб ҳақ ме шавад

رشته عمری که دام مطلب حق می‌شود

Сарф дар шерозаи авроқ ботил ме кунӣ

صرف در شیرازه اوراق باطل می‌کنی

Бетаъаммул мекунӣ фармӯдаи Иблис ро

بی‌تأمل می‌کنی فرموده ابلیس را

Чун расад навбат ба кори хайр , дил дил ме кунӣ

چون رسد نوبت به کار خیر، دل‌دل می‌کنی