Чаҳ самар медиҳад он дил ки на обаш кардӣ ?

چه ثمر می‌دهد آن دل که نه آبش کردی؟

Ба куҷо мерасад он по ки ба хобаш кардӣ ?

به کجا می‌رسد آن پا که به خوابش کردی؟

Нигаҳиро ки каманди гуҳари ибрат буд

نگهی را که کمندِ گهرِ عبرت بود

Ту зи кӯтаҳи назарии харҷ китобаш кардӣ

تو ز کوته‌نظری خرجِ کتابش کردی

Хори пероҳани ором буд ориф ро

خارِ پیراهنِ آرام بود عارف را

Мижаеро ки ту шероза хобаш кардӣ

مژه‌ای را که تو شیرازهٔ خوابش کردی

Дидаеро ки азуи хӯшаи гавҳар май рехт

دیده‌ای را که ازو خوشهٔ گوهر می‌ریخت

Он қадр гиря накардӣ ки саробаш кардӣ

آنقدر گریه نکردی که سرابش کردی

Дил ки қандили ҳарам буд зи равшани гавҳарӣ

دل که قندیلِ حرم بود ز روشن‌گوهری

Дар хароботи Муғони ҷом шаробаш кардӣ

در خرابات مغان جامِ شرابش کردی

Сари озода ки аз мағзи хирад буд самин

سرِ آزاده که از مغزِ خرد بود سمین

Ту зи ғифлати зи ҳавои пар чу ҳубобаш кардӣ

تو ز غفلت ز هوا پُر چو حبابش کردی

Дили бедор ки шамъи сари болини ту буд

دلِ بیدار که شمعِ سرِ بالینِ تو بود

Ту зи афсона чу атфол ба хобаш кардӣ

تو ز افسانه چو اطفال به خوابش کردی

Май талхӣ ки гуворое азу мезад мавҷ

میِ تلخی که گوارایی ازو می‌زد موج

Ту зи абрӯии турши по ба рикобаш кардӣ

تو ز ابروی تُرُش پا به رکابش کردی

Нафасро кардӣ аз андешаи фардои фориғ

نفسْ را کردی از اندیشهٔ فردا فارغ

Худ ҳисобонагар имрӯз ҳисобаш кардӣ

خود‌حسابانه‌گر امروز حسابش کردی

Ҳар ки чун кӯзаи лаби бастаи лаб аз хоҳиши баст

هر که چون کوزهٔ لب‌بسته لب از خواهش بست

Дар хароботи Муғони пар менобаш кардӣ

در خراباتِ مغان پُر میِ نابش کردی

Дил ҳар кас ки ба шавқ ту бурид аз ду ҷаҳон

دلِ هر کس که به شوقِ تو برید از دو جهان

Бистар аз оташи сӯзон чу кабобаш кардӣ

بستر از آتشِ سوزان چو کبابش کردی

Буд ойӣнаи сад шоҳиди ғайбии соиб

بود آیینهٔ صد شاهدِ غیبی صائب

Дидаеро ки саропарда хобаш кардӣ

دیده‌ای را که سراپردهٔ خوابش کردی