Айби соҳиби ҳунарон чанд ба бозори оре ?

عیب صاحب هنران چند به بازار آری؟

Чанд азон гулбуни пари гули кафи пари хори оре ?

چند ازان گلبن پر گل کف پر خار آری؟

Ҳеҷ кас гул назанад бар ту дарин сабзи чаман

هیچ کس گل نزند بر تو درین سبز چمن

Гул агар дар қафаси мурғи гирифтори оре

گل اگر در قفس مرغ گرفتار آری

Аз каҷонгар гузарии рости дарин ибратгоҳ

از کجان گر گذری راست درین عبرتگاه

Солими ангушти бурун аз даҳани мори оре

سالم انگشت برون از دهن مار آری

Зоминами ман ки ғуборӣ ба дилат нанишинад

ضامنم من که غباری به دلت ننشیند

Агар аз халқи ҷаҳон рӯй ба девори оре

اگر از خلق جهان روی به دیوار آری

Дар диёрӣ ки хзФро з гуҳар нашносанд

در دیاری که خزف را ز گهر نشناسند

Гавҳари худ чаҳ зарураст ба бозори оре ?

گوهر خود چه ضرورست به بازار آری؟

Дидаи зоҳир агар пари хас ва хошок кунӣ

دیده ظاهر اگر پر خس و خاشاک کنی

Аз хасу хор ба домани гул бе хори оре

از خس و خار به دامن گل بی خار آری

Ба азонаст ки сад нахл барӯманд кунӣ

به ازان است که صد نخل برومند کنی

Сари Мансури марогар ба сари дори оре

سر منصور مرا گر به سر دار آری

Чун ҳубобанд саропои назари ҷавҳарён

چون حبابند سراپای نظر جوهریان

То чаҳ гавҳари ту азин қулзуми зхори оре

تا چه گوهر تو ازین قلزم زخار آری

Ҳарфи афсурдаи дилони боиси ошӯб дил аст

حرف افسرده دلان باعث آشوب دل است

Хабари марг чаҳ лозим ки ба бемори оре ?

خبر مرگ چه لازم که به بیمار آری؟

Май туоне ба саропарда хуршед расед

می توانی به سراپرده خورشید رسید

Ҳамчуи шабнам ба чамангар дили бедори оре

همچو شبنم به چمن گر دل بیدار آری

Чанд чун сиккаи зар дар назари сирФён

چند چون سکه زر در نظر صیرفیان

Пушт бар зар кунӣ ва рӯй ба бозори оре ?

پشت بر زر کنی و روی به بازار آری؟

Рӯй чун оина пинҳон макун аз тӯтии мо

روی چون آینه پنهان مکن از طوطی ما

Ту ки соҳиби суханонро ба саркори оре

تو که صاحب سخنان را به سرکار آری

Раҳм кун бар дил бе тоқати мо эй қосид

رحم کن بر دل بی طاقت ما ای قاصد

Ноумедӣ хабарӣ нест ки якбори оре

ناامیدی خبری نیست که یکبار آری

Равшанаст аз даҳани захм чаҳ гул хоҳад кард

روشن است از دهن زخم چه گل خواهد کرد

Чаҳ зарураст маро бар сари гуфтори оре ?

چه ضرورست مرا بر سر گفتار آری؟

Агар аз поси нафаси риштаи саранҷоми диҳӣ

اگر از پاس نفس رشته سرانجام دهی

Соиб аз баҳри буруни гавҳари шҳўори оре

صائب از بحر برون گوهر شهوار آری