Чаҳ шавадгар ба паёмии дили ман шод кунӣ ?
چه شود گر به پیامی دل من شاد کنی؟
Пеш азон рӯз ки бисёр маро ёд кунӣ
پیش ازان روز که بسیار مرا یاد کنی
намекунад як сухани талхи марои шодии марг
می کند یک سخن تلخ مرا شادی مرگ
Гар нахоҳӣ ба шикархандаи дилам шод кунӣ
گر نخواهی به شکرخنده دلم شاد کنی
Рутбаи ишқи худододи зи хӯбӣ кам нест
رتبه عشق خداداد ز خوبی کم نیست
Ноз то чанд ба ин ҳасан худодод кунӣ ?
ناز تا چند به این حسن خداداد کنی؟
Зери домони гул аз доғи ғарибии сӯзад
زیر دامان گل از داغ غریبی سوزد
Булбулиро ки ту аз доми худ озод кунӣ
بلبلی را که تو از دام خود آزاد کنی
Дили ободи марои зеру зибргар созӣ
دل آباد مرا زیر و زبر گر سازی
Ба азонаст ки сад бткдаҳ обод кунӣ
به ازان است که صد بتکده آباد کنی
Ботини ишқ буд теғи дӯдам эй хусрав
باطن عشق بود تیغ دودم ای خسرو
Маслиҳат нест ки хам дар хам Фарҳод кунӣ
مصلحت نیست که خم در خم فرهاد کنی
Ҳасанро шиква ушшоқ кунад золимтар
حسن را شکوه عشاق کند ظالمتر
Соиб аз дӯсти мабодои гила бунёд кунӣ
صائب از دوست مبادا گله بنیاد کنی