Беҳиҷобона ба оғӯши куҷо май ое ?

بی حجابانه به آغوش کجا می آیی؟

Ки ба сад ноз дар андешаи мо май ое ?

که به صد ناز در اندیشه ما می آیی؟

Магар аз сайри худ эй моҳи лақо май ое ?

مگر از سیر خود ای ماه لقا می آیی؟

Ки аҷаб дар назари ман ба сафо май ое ?

که عجب در نظر من به صفا می آیی؟

намечакад хӯни зи дами теғи нигоҳати имрӯз

می چکد خون ز دم تیغ نگاهت امروز

Магар аз тўФи мазори шуҳадо май ое ?

مگر از طوف مزار شهدا می آیی؟

Кист зон ҷилва мастона нагардад биҳуш ?

کیست زان جلوه مستانه نگردد بیهوش؟

Ки зи сар то ба қадами ҳуши рибо май ое

که ز سر تا به قدم هوش ربا می آیی

наметавон ёфт зи рухсораи гандуми гаванат

می توان یافت ز رخساره گندم گونت

Каз биҳишт эй санами ҳўрлқо май ое

کز بهشت ای صنم حورلقا می آیی

Ки ба рухсори ту густох назар карда , ки боз

که به رخسار تو گستاخ نظر کرده، که باز

Шастаи рӯ аз арақи шарму ҳаё май ое

شسته رو از عرق شرم و حیا می آیی

Сари хўнриз ки дорӣ , ки зи хлўтгаҳи ноз

سر خونریز که داری، که ز خلوتگه ناز

Масту ханҷар ба кафу лаъли қабо май ое

مست و خنجر به کف و لعل قبا می آیی

Чун нисори қидмати хурдаи ҷонро накунам ?

چون نثار قدمت خرده جان را نکنم؟

Ки равони бахштар аз оби бақо май ое

که روان بخش تر از آب بقا می آیی

Чун кунанд аз ту ниҳони рози дили худ ушшоқ ?

چون کنند از تو نهان راز دل خود عشاق؟

Ки ба рухсораи андешаи намо май ое

که به رخساره اندیشه نما می آیی

Кардаам ҳолаи сифати қолаби худро холӣ

کرده ام هاله صفت قالب خود را خالی

Гар ба оғӯши ман эй моҳи лақо май ое

گر به آغوش من ای ماه لقا می آیی

Дар бисотами нигаҳи бозпсинӣ монда аст

در بساطم نگه بازپسینی مانده است

Гар ба сари вақти ман эй сусти вафо май ое

گر به سر وقت من ای سست وفا می آیی

намекунӣ хӯн ба дили боғи биҳишт аз тамкин

می کنی خون به دل باغ بهشت از تمکین

Ту ба ғмхонаҳи ушшоқи куҷо май ое ?

تو به غمخانه عشاق کجا می آیی؟

Гашт хушед ҷҳонтоби зи мағриби толеъ

گشت خوشید جهانتاب ز مغرب طالع

Кӣ зи машриқи бадар эй моҳи лақо май ое ?

کی ز مشرق بدر ای ماه لقا می آیی؟

Рӯй чун оина пинҳон макун аз сӯхтагон

روی چون آینه پنهان مکن از سوختگان

Ки зи хокистари дилҳо ба ҷило май ое

که ز خاکستر دلها به جلا می آیی

Мшкбўи гашти зи ҷавлони ғизоли ту замин

مشکبو گشت ز جولان غزال تو زمین

наметавон ёфт ки аз нофи хто май ое

می توان یافت که از ناف ختا می آیی

Брхўрӣ чун гул азон чеҳраи хандон ёрб !

برخوری چون گل ازان چهره خندان یارب!

Ки ба оғӯши ман оғӯши гшо май ое

که به آغوش من آغوش گشا می آیی

Бош чандон ки дили рафта ба ҷо боз ояд

باش چندان که دل رفته به جا باز آید

Гар ба дилҷӯеи ин бесару по май ое

گر به دلجویی این بی سر و پا می آیی

Бе сабаби Хизри хати сабзи далели ту шуда аст

بی سبب خضر خط سبز دلیل تو شده است

Кӣ ту саркаш ба раҳ аз роҳнамо май ое ?

کی تو سرکش به ره از راهنما می آیی؟

Гар бадоне ки чаҳ хӯн мехӯрам аз даврии ту

گر بدانی که چه خون می خورم از دوری تو

То ба ғмхонаҳи ман по ба ҳино май ое

تا به غمخانه من پا به حنا می آیی

Гар бадоне чаҳ қадари ташнаи дидори тўоим

گر بدانی چه قدر تشنه دیدار توایم

Арақ олуд ба сари манзили мо май ое

عرق آلود به سر منزل ما می آیی

Он қадрҳо нанишинӣ ки ба гирдат гирдем

آنقدرها ننشینی که به گردت گردیم

Баъди умрӣ ки ба вайронаи мо май ое

بعد عمری که به ویرانه ما می آیی

Рӯ ба хлўтгаҳи ағёри ҷлўриз рӯй

رو به خلوتگه اغیار جلوریز روی

Ба сари ваъдаи мо рӯ ба қафо май ое

به سر وعده ما رو به قفا می آیی

Нест чун фосила даромадан ва рафтан ту

نیست چون فاصله درآمدن و رفتن تو

эй ҷигар хӯн кун ушшоқ чаро май ое ?

ای جگر خون کن عشاق چرا می آیی؟

эй сабои буии ту имрӯзи ҷунун май орад

ای صبا بوی تو امروز جنون می آرد

Магар аз силсилаи зулфи ду то май ое ?

مگر از سلسله زلف دو تا می آیی؟

Накашӣ пои зи вайронаи соиби ҳаргиз

نکشی پای ز ویرانه صائب هرگز

Гар бадоне ки чаҳ миқдори баҷо май ое

گر بدانی که چه مقدار بجا می آیی