Баҳори гашти зи худ орифонаи беруни ой

بهار گشت ز خود عارفانه بیرون آی

Агар з худ натавонӣ зи хонаи беруни ой

اگر ز خود نتوانی ز خانه بیرون آی

Буд рафиқи сбкрўҳи тозӣонаи шавқ

بود رفیق سبکروح تازیانه شوق

Нагаштааст сабо то равонаи беруни ой

نگشته است صبا تا روانه بیرون آی

Агар ба коҳилии табъи барнамеи ое

اگر به کاهلی طبع برنمی آیی

зи худ ба зӯри шароби шабонаи беруни ой

ز خود به زور شراب شبانه بیرون آی

Барроқи ҷозибаи навбаҳор омода аст

براق جاذبه نوبهار آماده است

Ҳамин ту саъй кун аз остонаи беруни ой

همین تو سعی کن از آستانه بیرون آی

Асири пардаи номӯс чанд хоҳӣ буд ?

اسیر پرده ناموس چند خواهی بود؟

Азин либоси занони орифонаи беруни ой

ازین لباس زنان عارفانه بیرون آی

зи санги лолаи баромад , зи хок сабза дамид

ز سنگ لاله برآمد، ز خاک سبزه دمید

Чаҳ мешавад , ту ҳам аз кунҷи хонаи беруни ой

چه می شود، تو هم از کنج خانه بیرون آی

Сафири мурғи саҳари тозӣона шавқ аст

صفیر مرغ سحر تازیانه شوق است

зи банди хеш ба ин тозӣонаи беруни ой

ز بند خویش به این تازیانه بیرون آی

Кунун ки киштӣ май рости бодбон аз абр

کنون که کشتی می راست بادبان از ابر

Сабки зи баҳри ғами бекаронаи беруни ой

سبک ز بحر غم بیکرانه بیرون آی

Чу субҳ , файзи баҳори шукуфаи як ду дам аст

چو صبح، فیض بهار شکوفه یک دو دم است

Чаҳ фикр мекунӣ , аз ошиёнаи беруни ой

چه فکر می کنی، از آشیانه بیرون آی

Ҳавои зи нолаи мурғон шудааст пардаи соз

هوا ز ناله مرغان شده است پرده ساز

Чаҳ ҳоҷатаст ба чангу чғонаҳ , беруни ой

چه حاجت است به چنگ و چغانه، بیرون آی

Дарид ғунчаи мастури перҳан то ноф

درید غنچه مستور پیرهن تا ناف

Ту ҳам зи хирқаи худ сӯфӣонаи беруни ой

تو هم ز خرقه خود صوفیانه بیرون آی

Чаҳ ҳамчуи сӯрати девори маҳв хона шудӣ ?

چه همچو صورت دیوار محو خانه شدی؟

Қадам ба роҳ на , аз фикри хонаи беруни ой

قدم به راه نه، از فکر خانه بیرون آی

Азин қаламрави касрат , ки хок бар сари он

ازین قلمرو کثرت، که خاک بر سر آن

Ба завқи суҳбати ёри ягонаи беруни ой

به ذوق صحبت یار یگانه بیرون آی

Турои миёни талабӣ аз канор дорад давр

ترا میان طلبی از کنار دارد دور

Канори агртлбӣ аз миёнаи беруни ой

کنار اگرطلبی از میانه بیرون آی

Ҳиҷоби чеҳра ҷонаст зулфи тӯли амл

حجاب چهره جان است زلف طول امل

Азин қаламрави зулмат чу шонаи беруни ой

ازین قلمرو ظلمت چو شانه بیرون آی

зи хоки як сару гардан ба завқи тири қазо

ز خاک یک سر و گردن به ذوق تیر قضا

Агар зи аҳли дилӣ чун нишонаи беруни ой

اگر ز اهل دلی چون نشانه بیرون آی

Каманд олам болост мисраи соиб

کمند عالم بالاست مصرع صائب

Ба ин каманди зи қайди замонаи беруни ой

به این کمند ز قید زمانه بیرون آی

Хониш
ғзл шморҳ 168 — осмоъӣл фрозӣ конол сквт
ғзл шморҳ 168 — прӣ соткнӣ ъндлӣб