зи ман мадори таваққуъи сухан аз анҷуманӣ
ز من مدار توقع سخن از انجمنی
Ки нест боиси гуфтори чашми хуши суханӣ
که نیست باعث گفتار چشم خوش سخنی
Ба гирди чеҳраи хубон чу зулф сирӣ кун
به گرد چهره خوبان چو زلف سیری کن
Макун чу холи қаноат ба гӯшаи даҳанӣ
مکن چو خال قناعت به گوشه دهنی
Ба шухии ту чароғии дарин шабистон нест
به شوخی تو چراغی درین شبستان نیست
Ки ҳам дар анҷумании ҳам буруни анҷуманӣ
که هم در انجمنی هم برون انجمنی
з тӯтӣӣ натавон буд камтар эй булбул
ز طوطیی نتوان بود کمتر ای بلبل
Ту ҳам зи болу пари хеш сабз кун чаманӣ
تو هم ز بال و پر خویش سبز کن چمنی
Чунон зи ишқи ту вайрон шудам кинатавон сохт
چنان ز عشق تو ویران شدم که نتوان ساخت
Агар зарур шавад , аз забони ман суханӣ
اگر ضرور شود، از زبان من سخنی
Макаши зиёди ватани оҳ , кин ҳамон ватан аст
مکش زیاد وطن آه، کاین همان وطن است
Ки аз либос ба Юсуфи надоди перҳанӣ
که از لباس به یوسف نداد پیرهنی
зи ашку оҳи заъифон хоксор битарс
ز اشک و آه ضعیفان خاکسار بترس
Ки буд машриқи тӯфони танури перзанӣ
که بود مشرق طوفان تنور پیرزنی
Шикасти қадари шукрро ба гуфтугӯи соиб
شکست قدر شکر را به گفتگو صائب
Ки дидааст чунин тӯтии шикаршиканӣ ?
که دیده است چنین طوطی شکرشکنی؟