эй сайди пешае ки дил аз мо гирифта Эй

ای صید پیشه ای که دل از ما گرفته ای

Бар хештани бибол ки анқои гирифта Эй

بر خویشتن ببال که عنقا گرفته ای

Ҷузи дӯди талхи ҳосили ин мушт хор чист ?

جز دود تلخ حاصل این مشت خار چیست؟

эй барқи хуши Аннан ки паии мо гирифта Эй

ای برق خوش عنان که پی ما گرفته ای

Ҷои ту дар биҳишт баринаст бе сухан

جای تو در بهشت برین است بی سخن

Гар дар замири аҳли дилии ҷои гирифта Эй

گر در ضمیر اهل دلی جا گرفته ای

Гар ҳаст ваҳшатӣ ба дил аз мардумони туро

گر هست وحشتی به دل از مردمان ترا

Дар кунҷи хонаи домани саҳрои гирифта Эй

در کنج خانه دامن صحرا گرفته ای

Оёти ҳақи мушоҳида аз дил накарда Эй

آیات حق مشاهده از دل نکرده ای

Мусҳаф ба каф барои тамошои гирифта Эй

مصحف به کف برای تماشا گرفته ای

Дории гумон ки ишқи шикор ту гашта аст

داری گمان که عشق شکار تو گشته است

Симурғро ба доми таманнои гирифта Эй

سیمرغ را به دام تمنا گرفته ای

Дар ҳар дароз кардани дастии з рӯй сидқ

در هر دراز کردن دستی ز روی صدق

Паймонае зи олами болои гирифта Эй

پیمانه ای ز عالم بالا گرفته ای

Беинтизор ёфтае хона дар биҳишт

بی انتظار یافته ای خانه در بهشت

ӣнҷо агар канораи зи дунёи гирифта Эй

اینجا اگر کناره ز دنیا گرفته ای

Ҳаргизи буруни давидае аз хеш бехабар ?

هرگز برون دویده ای از خویش بی خبر؟

Домони Юсуфӣ чу Зулайхои гирифта Эй

دامان یوسفی چو زلیخا گرفته ای

Соиби чунин ки дар паии расми аўФтодаҳ Эй

صائب چنین که در پی رسم اوفتاده ای

Фардост ранги мардуми дунёи гирифта Эй

فرداست رنگ مردم دنیا گرفته ای