Аз мардумон агар чаҳ канории гирифта Эй

از مردمان اگر چه کناری گرفته ای

Ин гӯшаро барои шикории гирифта Эй

این گوشه را برای شکاری گرفته ای

Бар ҳар чаҳ ҷузи худои дили хеши баста Эй

بر هر چه جز خدای دل خویش بسته ای

Ойӣна дом карда ғубории гирифта Эй

آیینه دام کرده غباری گرفته ای

Қонеъ ба рангу бӯ шудае ҳамчуи шохи гул

قانع به رنگ و بو شده ای همچو شاخ گل

Дастӣ дароз карда нигории гирифта Эй

دستی دراز کرده نگاری گرفته ای

Дар зери барги срмкш аз теғи офтоб

در زیر برگ سرمکش از تیغ آفتاب

Баъд аз ҳазор сол ки бории гирифта Эй

بعد از هزار سال که باری گرفته ای

Чун гули туро ба оташ сӯзон шавад далел

چون گل ترا به آتش سوزان شود دلیل

Аз нақди умр агар на шумории гирифта Эй

از نقد عمر اگر نه شماری گرفته ای

Қонеъ чу сарву бед ба барг аз самар машав

قانع چو سرو و بید به برگ از ثمر مشو

Ин як нафас ки ранги баҳории гирифта Эй

این یک نفس که رنگ بهاری گرفته ای

Субҳи умеди дршкн остин туаст

صبح امید درشکن آستین توست

Гар зон ки домани шаби тории гирифта Эй

گر زان که دامن شب تاری گرفته ای

Дар ҳар гушӯдани назар ва бастани назар

در هر گشودن نظر و بستن نظر

Мулкии кушодаеу ҳисории гирифта Эй

ملکی گشاده ای و حصاری گرفته ای

Зини даъвии баланд ки бо халқ ме кунӣ

زین دعوی بلند که با خلق می کنی

Аз баҳри худ таҳияи дории гирифта Эй

از بهر خود تهیه داری گرفته ای

Аз ҷаҳл кардае дили худ зиндаи зери хок

از جهل کرده ای دل خود زنده زیر خاک

Бар дил агар зи кӣнаи ғубории гирифта Эй

بر دل اگر ز کینه غباری گرفته ای

Моҳӣаст пеши роҳи ту дар зулмати фано

ماهی است پیش راه تو در ظلمت فنا

Шамъӣ агар ба роҳгзории гирифта Эй

شمعی اگر به راهگذاری گرفته ای

Хоҳад фитод домани манзил ба дасти ту

خواهد فتاد دامن منزل به دست تو

Соиб агар рикоби савории гирифта Эй

صائب اگر رکاب سواری گرفته ای