зи мағзу пӯсти буруни рафта то ба дӯсти расидам

ز مغز و پوست برون رفته تا به دوست رسیدم

Ба ҷони дӯст ки аз ҳар чаҳ ғайр ӯст буридам

به جان دوست که از هر چه غیر اوست بریدم

Халили вақтаму фориғи зи офтобу зи моҳам

خلیل وقتم و فارغ ز آفتاب و ز ماهم

Раҳин ишқаму бегона аз сиёҳу сифедам

رهین عشقم و بیگانه از سیاه و سفیدم

Набӯд раҳ ки зи офоти ҷон барам ба саломат

نبود ره که ز آفات جان برم به سلامت

Надода буд агар дил ба васли дӯсти навидам

نداده بود اگر دل به وصل دوست نویدم

зи дасти ин дили савдое аз татовули зулфаш

ز دست این دل سودایی از تطاول زلفش

Чаҳ ашкҳо ки фишондам чаҳ оҳҳо ки кашидам

چه اشک‌ها که فشاندم چه آه‌ها که کشیدم

Агар ҳазор қиёмат кунад қиём насинҷид

اگر هزار قیامت کند قیام نسنجد

Ба фитнае ки ман аз қотилаш муъоина дидам

به فتنه‌ای که من از قاتلش معاینه دیدم

Маро ки рифъати хуршед буд дар уфуқи дил

مرا که رفعت خورشید بود در افق دل

Ба пеши абрӯии он моҳ чун ҳилоли хмидм

به پیش ابروی آن ماه چون هلال خمیدم

Чаҳ ғам ки ҳайкал ман шуд ғубору ҷузв ҳаво шуд

چه غم که هیکل من شد غبار و جزو هوا شد

Насими субҳ саодат шудам ба хулди вазидам

نسیم صبح سعادت شدم به خُلد وزیدم

Ман он кабӯтари қудсам ки аз фазои ҳақиқат

من آن کبوتر قدسم که از فضای حقیقت

Ба ҳабси ин қафаси афтодам ва дубора паридам

به حبس این قفس افتادم و دوباره پریدم

зи хонақоҳ тариқат мабар ба савмиъае дил

ز خانقاه طریقت مبر به صومعه ای دل

Маро ки хирқаи зуҳду риёӣ хеш даридам

مرا که خرقهٔ زهد و ریای خویش دریدم

Ба хоки майкадаи ишқ то умеди нбстм

به خاک میکدهٔ عشق تا امید نبستم

Нашуд з ҳастӣ мавҳуми хеши қатъи умедам

نشد ز هستی موهوم خویش قطع امیدم

зи файзи пери хароботи дӯш дар ҳарами дил

ز فیض پیر خرابات دوش در حرم دل

Ба як намоз ки барадами ҳазор роз шунидам

به یک نماز که بردم هزار راز شنیدم

Бисоти фақр ба авранг салтанат нафурӯшам

بساط فقر به اورنگ سلطنت نفروشم

Ба нақди умри гиронмояи ин бисоти харидам

به نقد عمر گرانمایه این بساط خریدم

Сафои серум ва дар ваҳдат ҳақиқат ҳастӣ

صفای سِرّم و در وحدت حقیقت هستی

Ниҳон чу зарра ва монанди офтоб паридам

نهان چو ذره و مانند آفتاب پریدم