Шабӣ ки дидаи бадӣдори дӯст боз кунам
شبی که دیده بدیدار دوست باز کنم
Дами сипедаи зи хуршед эҳтироз кунам
دم سپیده ز خورشید احتراز کنم
Буд вузӯии ман аз оби чашму тоъатами ин
بود وضوی من از آب چشم و طاعتم این
Ки рӯи бқблаҳи абрӯӣ ӯ намоз кунам
که رو بقبله ابروی او نماز کنم
Пурми бърши ҳақиқати зи ошиёнаи оз
پرم بعرش حقیقت ز آشیانه آز
Ду боли бастаи мурғи ниёз боз кунам
دو بال بسته مرغ نیاز باز کنم
Маро ки соиди султон буд мусоиди пой
مرا که ساعد سلطان بود مساعد پای
Чаро нишемани худ ошён оз кунам
چرا نشیمن خود آشیان آز کنم
Шикор насар ҳақиқат кунам бқўти сайр
شکار نسر حقیقت کنم بقوت سیر
Кабӯтари дили шӯрида шоҳбоз кунам
کبوتر دل شوریده شاهباز کنم
Ҳрончаҳ ёр фазояд биноз гӯи бФзоӣ
هرانچه یار فزاید بناز گو بفزای
Ки ҳар чаҳ ҳаст марои ҷумла ва ниёз кунам
که هر چه هست مرا جمله و نیاز کنم
Ман ар ниёз кунам хешро бҳзрти дӯст
من ار نیاز کنم خویش را بحضرت دوست
Бҳрчаҳ ҳаст бтоӣиди дӯст ноз кунам
بهرچه هست بتائید دوست ناز کنم
Расидаам Бамёну бмўии дилбари хеш
رسیده ام بمیان و بموی دلبر خویش
Агар миёни вай аз мӯӣ имтиёз кунам
اگر میان وی از موی امتیاز کنم
зи хоки кӯии ту дилро даҳум тароз биравӣ
ز خاک کوی تو دل را دهم طراز بروی
Дили фусурда чу рӯй бут тароз кунам
دل فسرده چو روی بت طراز کنم
Агар бадаст ман уфтад шиканҷи турраи бахт
اگر بدست من افتد شکنج طره بخت
зи гирди роҳи ту он турраро тароз кунам
ز گرد راه تو آن طره را طراز کنم
зи хоки пои ту обии занам бар оташи дил
ز خاک پای تو آبی زنم بر آتش دل
Дили ҳавойии худро маҳал роз кунам
دل هوائی خود را محل راز کنم
Ҳадиси мӯӣ ту гӯям дам аз ғами ту занам
حدیث موی تو گویم دم از غم تو زنم
БгФтгўии ту афсонаро дароз кунам
بگفتگوی تو افسانه را دراز کنم
Маро ки мӯтини дили хона ҳақиқат ӯст
مرا که موطن دل خانه حقیقت اوست
Чаро мусофирати каъба муҷоз кунам
چرا مسافرت کعبه مجاز کنم
Сафост қибла дил нест ҷузи итоати амр
صفاست قبله دل نیست جز اطاعت امر
Ман ар парастиши сангу гул ҳиҷоз кунам
من ار پرستش سنگ و گل حجاز کنم