Дили барадӣ аз ман ба яғмо эй тарки ғоратгари ман
دل بردی از من به یغما، ای ترک غارتگر من!
Дидӣ чаҳ оварадӣ эй дӯст аз дасти дил бар сари ман
دیدی چه آوردی ای دوست از دست دل بر سر من
Ишқи ту дар дил ниҳон шуд дили зору тан нотавон шуд
عشق تو در دل نهان شد، دل زار و تن ناتوان شد
Рафтӣ чу тир ва камон шуд аз бори ғами пайкари ман
رفتی چو تیر و کمان شد، از بار غم، پیکر من
Май сӯзам аз иштиёқат дар оташам аз фироқат
میسوزم از اشتیاقت، در آتشم از فراقت
Конӯни ман синаи ман савдои ман озари ман
کانون من، سینهٔ من، سودای من، آذر من
Ман масти саҳбои боқии зони соткини равоқӣ
من مست صهبای باقی، زآن ساتکین رواقی
Фикри ту дар базми соқии зикри ту ромишгари ман
فکر تو در بزم ساقی، ذکر تو رامشگر من
Чун муҳра дар шшдри ишқи як чанд будам гирифтор
چون مهره در ششدَر عشق، یک چند بودم گرفتار
Ишқи ту чун муҳра чандеаст афтода дар шшдри ман
عشق تو چون مهره، چندیست، افتاده در ششدَر من
Дил дар туф ишқ афрӯхт гардуни либос сияҳ дӯхт
دل در تَف عشق افروخت، گردون لباس سیه دوخت
Аз оташу оҳи ман сӯхт дар осмони ахтари ман
از آتش و آه من سوخت، در آسمان اختر من
Габру мусулмон хаҷал шуд дили фитнаи об ва гул шуд
گبر و مسلمان خجل شد، دل فتنهٔ آب و گل شد
Сад рахна дар малик дил шуд зи андешаи кофари ман
صد رخنه در ملک دل شد، زاندیشهٔ کافر من
Шукрона каз ишқи мастами михўораҳ ва май пурситам
شکرانه کز عشق مستم، مِیخواره و مِیپرستم
Омухти дарси аластами устоди донишвари ман
آموخت درس الستم، استاد دانشور من
Султони сайру сулӯками молики рқоби мулӯкам
سلطان سِیر و سلوکم، مالک رقاب ملوکم
Дар сурам ва нест сӯгами байни нағмаи мзмри ман
در سورم و نیست سوگم، بین نغمهٔ مزمر من
Дар ишқи султони бахтам дар боғи давлати дарахтам
در عشق، سلطان بختم، در باغِ دولت، درختم
Хокистари фақри тахтами хоки фанои афсари ман
خاکستر فقر، تختم، خاک فنا افسر من
Бо хори он ёри тозӣ чун гул кунам ъшқбозӣ
با خار آن یار تازی، چون گل کنم عشقبازی
Райҳони ишқи маҷозии неши ман ва нашутур ман
ریحان عشق مجازی، نیش من و نشتر من
Дилро харидори кешами саргарми бозори хешам
دل را خریدار کیشم، سرگرم بازار خویشم
Ашки сипеду рухи зарди сим манасту зари ман
اشک سپید و رخ زرد، سیم من است و زر من
Аввали диламро сафо дод ойӣнаамро ҷило дод
اول دلم را صفا داد، آیینهام را جلا داد
Охир ба бод фано дод ишқи ту хокистари ман
آخر به باد فنا داد، عشق تو خاکستر من
То чанд дарҳоиу ҳўиӣ эй кӯси мансӯрии дил
تا چند در های و هویی، ای کوس منصوری دل!
Тарсам ки резанд бар хоки хӯни ту дар маҳзари ман
ترسم که ریزند بر خاک خون تو در محضر من
Бори ғами ишқ ӯро гардун надорад таҳаммул
بارِ غم عشق او را گردون ندارد تحمل
Кӣ метавонад кашӣдан ин пайкари лоғари ман
کی میتواند کشیدن، این پیکر لاغر من؟
Дили дами зи сар сафо зад кӯси ту бар бом мо зад
دل دم ز سِرِّ صفا زد، کوس تو بر بام ما زد
Султони давлат ливо зад аз фақр дар кишвари ман
سلطان دولت لوا زد، از فقر در کشور من