Срхўони ваҳдати Андам ки бадал сало задам ман
سرخوان وحدت آندم که بدل صلا زدم من
Басари тамоми малику малакӯт по задам ман
بسر تمام ملک و ملکوت پا زدم من
Дар дид ғайри бастами бути хештани шикастам
در دید غیر بستم بت خویشتن شکستم
зи сабуии ёри мастам ки мевло задам ман
ز سبوی یار مستم که می ولا زدم من
Золаст дили блоӣӣ ки задам бқўли мутлақ
زالست دل بلائی که زدم بقول مطلق
Бктоб ҳастӣ кули рақам балӣ задам ман
بکتاب هستی کل رقم بلی زدم من
Паии ҳаки нақши касрати зи ҷаридаи ҳиўлӣ
پی حک نقش کثرت ز جریده هیولی
Натавон намӯд бовар ки чаҳ нақшҳо задам ман
نتوان نمود باور که چه نقشها زدم من
Паии сади боби бегонагӣ аз сарои имкон
پی سد باب بیگانگی از سرای امکان
Камари вуҷуби бастам дар ошно задам ман
کمر وجوب بستم در آشنا زدم من
Қадами шуҳуд бар дстгаҳи қадами ниҳодам
قدم شهود بر دستگه قدم نهادم
Илми вуҷӯд дар пишгаҳ худо задам ман
علم وجود در پیشگه خدا زدم من
Сари пой бар тану дасти бдомни таҷарруд
سر پای بر تن و دست بدامن تجرد
Наздам з рӯй ғифлати ҳама ҷобаҷо задам ман
نزدم ز روی غفلت همه جابجا زدم من
Ҳиллаи ончӣ хостам ёфтам аз дили худобин
هله آنچه خواستم یافتم از دل خدابین
На борзи хештанро ва на бар само задам ман
نه بارض خویشتن را و نه بر سما زدم من
Бадари умедвории сари инқиёди судам
بدر امیدواری سر انقیاد سودم
Барраи ниёзмандии қадам вафо задам ман
بره نیازمندی قدم وفا زدم من
Ману дили ду масти боқии ду ниёзманди соқӣ
من و دل دو مست باقی دو نیازمند ساقی
Дили масти бодаи фақр ва мефано задам ман
دل مست باده فقر و می فنا زدم من
Дар дайр буд ҷоем баҳрам расед поем
در دیر بود جایم بحرم رسید پایم
Бҳзор дар задам то дар кибриё задам ман
بهزار در زدم تا در کبریا زدم من
Дар кӯй май парастӣ наздам бадаст ҳастӣ
در کوی می پرستی نزدم بدست هستی
Ки мудоми софи алои зи сабуӣ ло задам ман
که مدام صاف الا ز سبوی لا زدم من
Бҳўои фарши астбрқи ҷинати ҳақоиқ
بهوای فرش استبرق جنت حقایق
зи бисоти салтанати руста ббўрё задам ман
ز بساط سلطنت رسته ببوریا زدم من
БқФои фақри онрўзи қадами ниҳодам аз дил
بقفای فقر آنروز قدم نهادم از دل
Ки бдўлти салотини дувал қафо задам ман
که بدولت سلاطین دول قفا زدم من
Дар аФтқорро баст ва гушӯд боби давлат
در افتقار را بست و گشود باب دولت
Миси қалбро дарин хок бкимё задам ман
مس قلب را درین خاک بکیمیا زدم من
зи ҳавои хеши рустами бхробхонаҳи тан
ز هوای خویش رستم بخرابخانه تن
Ки азин харобаи хиштии басар ҳўӣ задам ман
که ازین خرابه خشتی بسر هوی زدم من
Бхдои бастам аз кидирати коиноти рустам
بخدای بستم از کدرت کائنات رستم
Бадви дасти чанг дар силсила сафо задам ман
بدو دست چنگ در سلسله صفا زدم من
Ба ризои нафаси ҷустами ҷилавоти файзи ақдас
به رضای نفس جستم جلوات فیض اقدس
Нафаси таҷаллӣ аз манзалат ризо задам ман
نفس تجلی از منزلت رضا زدم من