Ба ишқи хеши маро хуй дод дилбари ман

به عشق خویش مرا خوی داد دلبر من

Дамӣ нашуд ки гузорад дили маро бар ман

دمی نشد که گذارد دل مرا بر من

Ба синаам зи ғамаши розҳост беҳад ва ҳаст

به سینه‌ام ز غمش رازهاست بی‌حد و هست

Ҳазор нуктаи з ҳар роз ӯ ба хотири ман

هزار نکته ز هر راز او به خاطر من

Маро чаҳ кор ба хуршеди ҳашари мунтазирон

مرا چه کار به خورشید حشر منتظران

Ки офтоб шуҳудаст сояи сари ман

که آفتاب شهود است سایه سر من

Нашуд шабӣ ки нашуд чашми ман ситораи шумор

نشد شبی که نشد چشم من ستاره‌شمار

Ба ҳар маӣ ва таҷаллӣ накард ахтари ман

به هر مهی و تجلی نکرد اختر من

Кунун зи ишқи ту баси офтоб ва моҳ дамид

کنون ز عشق تو بس آفتاب و ماه دمید

зи осмони дил эй офтоби анвари ман

ز آسمان دل ای آفتاب انور من

Тасаллутии сети маро бар сари тамоми мулӯк

تسلطی‌ست مرا بر سر تمام ملوک

Ки хоки майкада ишқ туаст афсари ман

که خاک میکده عشق توست افسر من

Маро ба салтанати фақр роҳ дод ва намӯд

مرا به سلطنت فقر راه داد و نمود

Мамолики малики маликро мусаххари ман

ممالک ملک ملک را مسخر من

Набӯд агар ғами ишқати таҷаллии малакӯт

نبود اگر غم عشقت تجلی ملکوت

Надоди сайқали ойӣнаи мукаддари ман

نداد صیقل آیینه مکدر من

Ки буд соқӣ ва ин бодае ки дод чаҳ буд

که بود ساقی و این باده‌ای که داد چه بود

Чаҳ шуъла буд ки дар ҳам шикасти соғари ман

چه شعله بود که در هم شکست ساغر من

Магари таҷаллӣ тавраст ишқи ёр ба дил

مگر تجلی طور است عشق یار به دل

Ки пора пора шуд аз ҳам чу кӯҳи пайкари ман

که پاره پاره شد از هم چو کوه پیکر من

Чаҳ дайр буд ки аз каъба тофт то сари хеш

چه دیر بود که از کعبه تافت تا سر خویش

Ба пои роҳиб ӯ суди ҷони кофари ман

به پای راهب او سود جان کافر من

Биҳишти ман дилу ризвони ман таҷаллии дӯст

بهشت من دل و رضوان من تجلی دوست

Зулоли ҷорӣаи ашъори рӯҳпарвар ман

زلال جاریه اشعار روح‌پرور من

Биҷавии ҷону дилу мазраъи муроди сафо

بجوی جان و دل و مزرع مراد صفا

Чаҳ обҳо ки равон кард дидатар ман

چه آب‌ها که روان کرد دیده تر من