Одамӣ сӯрат ҳақасту худоро нашнохт
آدمی صورت حقست و خدا را نشناخت
Ки нашуд одамӣу сӯрати моро нашнохт
که نشد آدمی و صورت ما را نشناخت
Подшоҳони ҳақиқати зи гадо бо хабаранд
پادشاهان حقیقت ز گدا با خبرند
Подшаҳ нест ки дар малики гадоро нашнохт
پادشه نیست که در ملک گدا را نشناخت
Ёр дар хона ва мо дар пай ӯ дар бадарем
یار در خانه و ما در پی او در بدریم
Дил савдо зада онзлФи ду торо нашнохт
دل سودا زده آنزلف دو تا را نشناخت
Зарра ӣӣ нест ки хуршед само нест дарав
ذره ئی نیست که خورشید سما نیست درو
Камтар аз зарра ки хуршеди саморо нашнохт
کمتر از ذره که خورشید سما را نشناخت
Дарди ин зуҳду риёро дар майхона давост
درد این زهد و ریا را در میخانه دواست
Зоҳид бехабар аз дарди даворо нашнохт
زاهد بی خبر از درد دوا را نشناخت
Аз ман ояд бмни овози ман аз кӯҳи сабот
از من آید بمن آواز من از کوه ثبات
Ҳайвонаст ки ин савту садоро нашнохт
حیوانست که این صوت و صدا را نشناخت
Одамии оинаи ғайби намо буд ҷҳўл
آدمی آینه غیب نما بود جهول
Кӯр буд оинаи ғайби наморо нашнохт
کور بود آینه غیب نما را نشناخت
Пери мо хирқа бияфканад ва бирақс омад ва рафт
پیر ما خرقه بیفکند و برقص آمد و رفت
Ҷон бемаърифат аз ҷисми фаноро нашнохт
جان بی معرفت از جسم فنا را نشناخت
Офтоби азал аз машриқи дил сар заду гул
آفتاب ازل از مشرق دل سر زد و گل
Бо чунин равшании он нуру зёро нашнохт
با چنین روشنی آن نور و ضیا را نشناخت
Дили сулаймони ҳўии нафаси ?дании деви ҳавас
دل سلیمان هوی نفس دنی دیو هوس
Ҳаваси деви сулаймони ҳўиро нашнохт
هوس دیو سلیمان هوی را نشناخت
Абрӯии ёри ҳлолисти зи хуршеди падед
ابروی یار هلالیست ز خورشید پدید
Муфтии он абрӯии ангушти наморо нашнохт
مفتی آن ابروی انگشت نما را نشناخت
Сайқали ойина аз сӯрати ҳақ бо хабараст
صیقل آئینه از صورت حق با خبرست
Дил дар занги фурӯи рафтаи сафоро нашнохт
دل در زنگ فرو رفته صفا را نشناخت