Имшаб шаб қадараст ва дар майкада бозаст

امشب شب قدرست و در میکده بازست

Татҳир кун аз бода ки ҳангом намозаст

تطهیر کن از باده که هنگام نمازست

Кун саҷдаи бахами аикаҳи вузӯи сохтӣ аз май

کن سجده بخم ایکه وضو ساختی از می

Ин замзам ва ин қиблаи арбоби ниёзи сет

این زمزم و این قبله ارباب نیاز ست

Рози дили ман чунки буд дили ҳарами ёр

راز دل من چونکه بود دل حرم یار

Бошад бкФи ёр ки ӯ муҳаррам розаст

باشد بکف یار که او محرم رازست

Шоҳини марои шҳпри симурғ ва дар он зулф

شاهین مرا شهپر سیمرغ و در آن زلف

Афтода чу тиҳуаст ки дар чнгл бозаст

افتاده چو تیهوست که در چنگل بازست

Аз дард нанолем ки дар таии мақомот

از درد ننالیم که در طی مقامات

Ин бозии бози фалак шӯъбада бозаст

این بازی باز فلک شعبده بازست

Ҳоҷии талабади каъба ва мо мӯътакифи дил

حاجی طلبد کعبه و ما معتکف دل

Ин кӯии ҳақиқат буд он роҳ муҷозаст

این کوی حقیقت بود آن راه مجازست

Ин каъбаи дил ва ҷон азизаст ва баҳр ҷост

این کعبه دل و جان عزیزست و بهر جاست

Он каъбаи гулу санг биёбон ҳиҷозаст

آن کعبه گل و سنگ بیابان حجازست

Алмнаҳи ллаҳ ки ганҷинаи асрор

المنه لله که گنجینه اسرار

Аз ин дили вайрона на бозаст ва фарозаст

از این دل ویرانه نه بازست و فرازست

Бар гӯнаи зотами рақами нуқтаи тавҳид

بر گونه ذاتم رقم نقطه توحید

Чун холи сияҳ бар рух хубон тарозаст

چون خال سیه بر رخ خوبان طرازست

Рухи заргару тавҳиди зару ишқи ту оташ

رخ زر گر و توحید زر و عشق تو آتش

Дили бутау шавқу талаби дили дам ва газаст

دل بوته و شوق و طلب دل دم و گازست

Бар дил шудагони сӯзи ту дрдист ки дармон

بر دل شدگان سوز تو دردیست که درمان

Бар сӯхтагони дард ту сӯзӣаст ки созаст

بر سوختگان درد تو سوزیست که سازست

Дар маъракаи ишқи ту ҷон бар сар бозӣаст

در معرکه عشق تو جان بر سر بازیست

Дар арсаи савдои ту дил дар так ва тозаст

در عرصه سودای تو دل در تک و تازست

Кӯтоҳ мабод аз сари зулфин туами даст

کوتاه مباد از سر زلفین توام دست

эй дӯст ки ин силсила умр дарозаст

ای دوست که این سلسله عمر درازست

Шамъаст сафоро дили афрӯхта зон рӯй

شمعست صفا را دل افروخته زان روی

Дар оташи савдои ту дар сӯз ва гудозаст

در آتش سودای تو در سوز و گدازست