Нишин бичишам ман аз хоки раҳгузари аидўст

نشین بچشم من از خاک رهگذر ایدوست

Ту сарви нозӣу моء/ўои сар ва бар лаб ҷӯаст

تو سرو نازی و ماء/وای سر و بر لب جوست

Бхоки ишқи нуҳуми сар ки пои хеш дарон

بخاک عشق نهم سر که پای خویش دران

Баҳри тараф ки нуҳуми роҳ дигрист бадваст

بهر طرف که نهم راه دیگریست بدوست

Чунон гирифтаи рагу пӯстами таҷаллии ишқ

چنان گرفته رگ و پوستم تجلی عشق

Ки пӯст ё раг ман нест ин таҷаллӣ ӯст

که پوست یا رگ من نیست این تجلی اوست

Сикандарии талабии сари зи хат ёр мапӣч

سکندری طلبی سر ز خط یار مپیچ

Ки Хизри оби бақои хати ёр оина рӯаст

که خضر آب بقا خط یار آینه روست

Ки то здўш бадушам кашанд то бар ёр

که تا زدوش بدوشم کشند تا بر یار

Чаҳ солҳост ки хоками дарин сароча сабуаст

چه سالهاست که خاکم درین سراچه سبوست

Марои длисти парешони зи зулф ёр бипурс

مرا دلیست پریشان ز زلف یار بپرس

Падеди ҳоли дил аз зулфи ёри мӯии бмўст

پدید حال دل از زلف یار موی بموست

Гудохт роҳи дилами санг ва дар ту нест асар

گداخت راه دلم سنگ و در تو نیست اثر

Бсинаҳи инки ту дорӣ магар диласт ки рӯаст

بسینه اینکه تو داری مگر دلست که روست

Қадами буруз ҷавонӣ хамед ва ин асрист

قدم بروز جوانی خمید و این اثریست

Заҳр ки қибла ӯ пеши тоқ он абрӯаст

زهر که قبله او پیش طاق آن ابروست

Бар он серум ки бмидони ишқи бозами боз

بر آن سرم که بمیدان عشق بازم باز

Сиррӣ ки дар хами чавгони зулфи ёр чу гӯаст

سری که در خم چوگان زلف یار چو گوست

Ту сӯзани мижаи дорӣу тори зулфи пареш

تو سوزن مژه داری و تار زلف پریش

Биё ки чоки дили ришро замон руфӯаст

بیا که چاک دل ریش را زمان رفوست

Ҳазор захм бадал мезанӣ ва бо хабарӣ

هزار زخم بدل میزنی و با خبری

Ки пои басти сари он ду зулф ғолия бӯаст

که پای بست سر آن دو زلف غالیه بوست

Танам бпўст нагунҷад ки ишқи дӯсти сафо

تنم بپوست نگنجد که عشق دوست صفا

Бадал нишаста ки мағзасту мобақии ҳамаи пӯст

بدل نشسته که مغزست و مابقی همه پوست