Омад аз майкадаи беруни писарии ҷом ба даст

آمد از میکده بیرون پسری جام به دست

Туррааш ғолияи афшону лабаши бодаи параст

طره اش غالیه افشان و لبش باده پرست

Тохт аз пардаи бурун бо ду сари зулфи сиёҳ

تاخت از پرده برون با دو سر زلف سیاه

Парда аз гӯна чун моҳ бар афканд ва нишаст

پرده از گونه چون ماه بر افکند و نشست

Масту ҳушёри азин ҷилваи бўҷднду самоъ

مست و هشیار ازین جلوه بوجدند و سماع

Дили ҳушёр буд шефтатар аз сари маст

دل هشیار بود شیفته تر از سر مست

Гарчи он ҷом ки дар даст бадаш дод бмн

گرچه آن جام که در دست بدش داد بمن

Лек зон пас ки марои баради бакулӣ аз даст

لیک زان پس که مرا برد بکلی از دست

Омад аз олами болоу дили пасти маро

آمد از عالم بالا و دل پست مرا

Баради ҷоӣӣ ки бурунаст зи болоу зи паст

برد جائی که برونست ز بالا و ز پست

Ончунонам ки на ҳастам бмқоми ту на нест

آنچنانم که نه هستم بمقام تو نه نیست

Ин мқомист ки кас нест надонад аз ҳаст

این مقامیست که کس نیست نداند از هست

Дили ман зонФсу офоқ бахуд омаду боз

دل من زانفس و آفاق بخود آمد و باز

Басари кӯии ту афканду з ҳар ғоила раст

بسر کوی تو افکند و ز هر غائله رست

Маркази доираи файзи дил мард худост

مرکز دایره فیض دل مرد خداست

Ки чу тир аз хам на чанбари бархестаи ҷуст

که چو تیر از خم نه چنبر برخاسته جست

Ишқ баҳрасту сари зулфи ту шасти дили ман

عشق بحرست و سر زلف تو شست دل من

Дар чунин баҳр буд моҳӣ афтода бишуст

در چنین بحر بود ماهی افتاده بشست

Ҳама тарсанд зи тӯмори қазои абадӣ

همه ترسند ز طومار قضای ابدی

Ман дилбохта аз дафтари тақдири аласт

من دلباخته از دفتر تقدیر الست

Кох кунин харобаст ва харобот сафост

کاخ کونین خرابست و خرابات صفاست

Ки ба тоқаш нарасад аз съқи сувари шикаст

که به طاقش نرسد از صعق صور شکست