Саҳари зи ҳотиф ғайбам бигӯаш ҳуш расед

سحر ز هاتف غیبم بگوش هوش رسید

Ки офтоби ҳақиқати зи пардаи гашти падед

که آفتاب حقیقت ز پرده گشت پدید

зи пушти пардаи ғайби офтоби талъати дӯст

ز پشت پرده غیب آفتاب طلعت دوست

Дамиду пардаи пиндор на сипеҳр дарид

دمید و پرده پندار نه سپهر درید

Навиди ҷилваи хуршед ишқ дод сурӯш

نوید جلوه خورشید عشق داد سروش

Ки бар тамомии заррот кун дод навид

که بر تمامی ذرات کون داد نوید

Макун ту қатъи умеди аидл ар бақои талабӣ

مکن تو قطع امید ایدل ار بقا طلبی

Аз онкӣ кард азин коиноти қатъи умед

از آنکه کرد ازین کائنات قطع امید

Тулӯъ кард марои ростии зи хилвати дил

طلوع کرد مرا راستی ز خلوت دل

Маӣ ки пеши ду абрӯӣ ӯ ҳилол хамед

مهی که پیش دو ابروی او هلال خمید

Фиканд хоки фано дар даҳони оби бақо

فکند خاک فنا در دهان آب بقا

Бхоки майкадаи он қатра каз лаб ту чакид

بخاک میکده آن قطره کز لب تو چکید

Бпои ман ки ҳадисами зи туррау лаби тест

بپای من که حدیثم ز طره و لب تست

Ҳавои абир про кунаду абри марворид

هوا عبیر پرا کند و ابر مروارید

Хабар надошт ки дорад шикваи шҳпри боз

خبر نداشت که دارد شکوه شهپر باز

Ки дар ҳавои ду зулфати дилам чу мурғ парид

که در هوای دو زلفت دلم چو مرغ پرید

Қавии дилам ки дили ман зи бори фурқати ёр

قوی دلم که دل من ز بار فرقت یار

Заъиф буд валикини камон ишқ кашид

ضعیف بود ولیکن کمان عشق کشید

Ҳазор шикваи бадали доштам ки ҷилва намӯд

هزار شکوه بدل داشتم که جلوه نمود

Маро намонад зи ҳайрат маҷол гуфт ва шунид

مرا نماند ز حیرت مجال گفت و شنید

Бслтнт ндиҳанд аҳли дили бФсли баҳор

بسلطنت ندهند اهل دل بفصل بهار

Висоли ёри санавбари қадии бсоиаҳи бед

وصال یار صنوبر قدی بسایه بید

зи дасти сабзи хаттии бода чу лолаи сурх

ز دست سبز خطی باده چو لاله سرخ

Бизан ки аз сари санги сиёҳ сабза дамид

بزن که از سر سنگ سیاه سبزه دمید

Ғами ду рӯзаи фонӣ муҷаррадон нахуранд

غم دو روزه فانی مجردان نخورند

Намонад салтанат ҷам биор ҷом набед

نماند سلطنت جم بیار جام نبید

Ки мехӯрем ва азин дарду ғам паноҳ барем

که می خوریم و ازین درد و غم پناه بریم

Бар онкии қуфли ғами коиноти рости калид

بر آنکه قفل غم کائنات راست کلید

Эмоми ҳаштуму шоҳи шуҳуду ғайби ризо

امام هشتم و شاه شهود و غیب رضا

Ки на сипеҳри давид ва ба гирд ӯ нарасед

که نه سپهر دوید و به گرد او نرسید

Ба ин зуҳӯр ки хилват нишин сар сафост

به این ظهور که خلوت نشین سر صفاست

Касе ки басти дил аз ҳар чаҳ ғайр ӯст бурид

کسی که بست دل از هر چه غیر اوست برید