Шаби дӯш ки буд инки ба хлўтгаҳи мо буд
شب دوش که بود اینکه به خلوتگه ما بود
Дарин хона набӯд одами бегона , худо буд
درین خانه نبود آدم بیگانه، خدا بود
Худо буд дарин хона ки шуд бандаи ин хок
خدا بود درین خانه که شد بنده این خاک
Агар шоҳи замин буд ва агар моҳи само буд
اگر شاه زمین بود و اگر ماه سما بود
Шаҳу моҳ ки бошанд ки мо банда амрем
شه و ماه که باشند که ما بنده امریم
Агар шоҳ ва агар моҳ ки парвардаи мо буд
اگر شاه و اگر ماه که پرورده ما بود
Куҷо буд ки то пои зи сари ҷилва бҷон кард
کجا بود که تا پای ز سر جلوه بجان کرد
Магар дар дил савдо зада бесару по буд
مگر در دل سودا زده بی سر و پا بود
Бхлўтгаҳи тақдиси ҳаме буд шаҳаншоҳ
بخلوتگه تقدیس همی بود شهنشاه
На дар таҳти ҳаво буд на дар фавқи ҳаво буд
نه در تحت هوا بود نه در فوق هوا بود
Худо буд ки ёри дили мо буд дигар ҳеҷ
خدا بود که یار دل ما بود دگر هیچ
Ки ӯ шоҳи бақои малику малики фано буд
که او شاه بقای ملک و ملک فنا بود
Дилу соҳиби дил буд яке буд бтҳқиқ
دل و صاحب دل بود یکی بود بتحقیق
Бёӣид ва бибинед мгўӣиди ду то буд
بیائید و ببینید مگوئید دو تا بود
На ма буд ва на ангушт ва на абрӯӣ ки тобед
نه مه بود و نه انگشت و نه ابروی که تابید
Маи ман ки бобиравӣ каҷи ангушти намо буд
مه من که بابروی کج انگشت نما بود
На чун ва на чаро буд ки дили оинаи кирдор
نه چون و نه چرا بود که دل آینه کردار
Таҷаллии гуҳи он шоҳиди бичўн ва чаро буд
تجلی گه آن شاهد بیچون و چرا بود
На дард ва на даво буд ки ҷон бӯда гирифтор
نه درد و نه دوا بود که جان بوده گرفتار
Дарави таъбияи дардӣ ки баҳри дарди даво буд
درو تعبیه دردی که بهر درد دوا بود
Бурун буд зи ҳади парда ва ман пардаи барандоз
برون بود ز حد پرده و من پرده برانداز
Баҳри парда ки бардоштами он ҳури лақо буд
بهر پرده که برداشتم آن حور لقا بود
Хароботи Муғон буду дарави пери Муғон буд
خرابات مغان بود و درو پیر مغان بود
Агар шоҳи замин буд дар он кӯии гадо буд
اگر شاه زمین بود در آن کوی گدا بود
Фарози сари нури сираи зулмоти адам буд
فراز سر نور سره ظلمات عدم بود
Даруни дили зулмоти адами оби бақо буд
درون دل ظلمات عدم آب بقا بود
Дар он об на хошок ва на хоки вази кдўрот
در آن آب نه خاشاک و نه خاک وز کدورات
Барӣ буд ки сарчашмаи анвори сафо буд
بری بود که سرچشمه انوار صفا بود
Сафо буд чу тиҳу ки басар панҷа бозаст
صفا بود چو تیهو که بسر پنجه بازست
Ва бар дасти шаҳи он бози азали шоҳи ризо буд
و بر دست شه آن باز ازل شاه رضا بود
Ризо буд бачарх аҳаду воҳиди хуршед
رضا بود بچرخ احد و واحد خورشید
Ки сад бодияи болотар таслиму ризо буд
که صد بادیه بالاتر تسلیم و رضا بود
Броҳим набӯд озари ҷон буд бъшоқ
براهیم نبود آذر جان بود بعشاق
Броҳиму смоъил дар он кӯии фидо буд
براهیم و سماعیل در آن کوی فدا بود