Соқии ҷони баҷоами ман рехт май мудоми дил
ساقی جان بجام من ریخت می مدام دل
Гашти зи пой то серуми масти мудоми ҷоми дил
گشت ز پای تا سرم مست مدام جام دل
Малик диласт роми ман сиккаи дили баноми ман
ملک دلست رام من سکه دل بنام من
Дили ҳамагии бкоми ман ман ҳамагии бкоми дил
دل همگی بکام من من همگی بکام دل
Садри ҷалоли Подшаҳи шоҳи броўсти муттакӣ
صدر جلال پادشه شاه براوست متکی
Кӯҳу замину осмон саф зада дар саломи дил
کوه و زمین و آسمان صف زده در سلام دل
Ақли ситодаи пушт дар ишқ бгоҳ мустақар
عقل ستاده پشت در عشق بگاه مستقر
Навбат салтанат занад бар табақоти боми дил
نوبت سلطنت زند بر طبقات بام دل
Арш бидон муаззамии гашти бпои дили замӣ
عرش بدان معظمی گشت بپای دل زمی
Давлати арш аъзамӣ ёфт зи файзи оми дил
دولت عرش اعظمی یافت ز فیض عام دل
Дода ббҳри ҷӯшро ҳушу хиради сурӯш ро
داده ببحر جوش را هوش و خرد سروش را
Чархи кушодаи гӯшро то шунӯди каломи дил
چرخ گشاده گوش را تا شنود کلام دل
Даии зи самои дил маӣ дид марои бмҳмҳӣ
دی ز سمای دل مهی دید مرا بمهمهی
Гуфт намоямати раҳеи бараду набарди номи дил
گفت نمایمت رهی برد و نبرد نام دل
Гуфтам моҳи ман тўӣии дилбару шоҳи ман тўӣӣ
گفتم ماه من توئی دلبر و شاه من توئی
Ҷузи ту ки дод хоҳадам шарҳи дилу паёми дил
جز تو که داد خواهدم شرح دل و پیام دل
Гуфт ки фош мекунад даъвии мстўоллҳӣ
گفت که فاش میکند دعوی مستواللهی
Арз ва самост волау куну макони ғуломи дил
ارض و سماست واله و کون و مکان غلام دل
Гуфтам ман гадои ту хок дар сарои ту
گفتم من گدای تو خاک در سرای تو
Мидҳдми Нидои ту файзи алии алдўоми дил
میدهدم ندای تو فیض علی الدوام دل
Каъбаи тўӣии муродро роҳи тўӣии маъод ро
کعبه توئی مراد را راه توئی معاد را
Инки диҳии ҷамодро суръати сайри гоми дил
اینکه دهی جماد را سرعت سیر گام دل
Дид бтўъ бандаам мурдаи шоҳ зинда ам
دید بطوع بنده ام مرده شاه زنده ام
Дод бадасти сари ман салтанати тамоми дил
داد بدست سر من سلطنت تمام دل
Молики малик дил шудам рустаи зи об ва гул шудам
مالک ملک دل شدم رسته ز آب و گل شدم
Одам муътадил шудам аз шарафи мақоми дил
آدم معتدل شدم از شرف مقام دل
Масти мудоми ҳақи манам бодаи ҷоми ҳақи манам
مست مدام حق منم باده جام حق منم
Сари тамоми ҳақи манам аз сари иҳтимоми дил
سر تمام حق منم از سر اهتمام دل
Субҳи сафои мунтазир шом надорад аз асар
صبح صفای منتظر شام ندارد از اثر
Гӯнау зулфи он писар субҳ диласту шоми дил
گونه و زلف آن پسر صبح دلست و شام دل