Дай гуфт ба ман бигурез аз новаки хӯни резам
دی گفت به من بگریز از ناوک خونریزم
Гуфтам ки зи дстонти кӯи пой ки бигурезам
گفتم که ز دستانت کو پای که بگریزم
Гар бозам вагар шерам бо савлати оҳӯят
گر بازم و گر شیرم با صولت آهویت
На бол ки брпрм , на ёл ки бстизм
نه بال که برپرّم ، نه یال که بستیزم
Бо сӯзи ғами ишқат дар кӯраи ҳаддодам
با سوز غم عشقت در کوره حدادم
Бо кори сари зулфат дар фитнаи Чингизам
با کار سر زلفت در فتنه چنگیزم
Аз мӯии гиреҳи вокни сад силсила шайдо кун
از موی گره واکن صد سلسله شیدا کن
То ман дили сўдоӣӣ дар силсилаи овезам
تا من دل سودائی در سلسله آویزم
Бустони рахт бар ман омухти басии дастон
بستان رخت بر من آموخت بسی دستان
Дастони зани ин бустон чун мурғи саҳархезам
دستان زن این بستان چون مرغ سحرخیزم
Зон софи равонпарвар лабрез кун он соғар
زان صاف روان پرور لبریز کن آن ساغر
Чандон ки бёлоӣии ин хирқаи пурҳизум
چندان که بیالائی این خرقه پرهیزم
Бо бодаи фурӯовар аз тавсани тани ҷон ро
با باده فرو آور از توسن تن جان را
То тораки кайвонро сояд сами шабдизам
تا تارک کیوان را ساید سم شبدیزم
Дар оташам аз хуят эй ёри пас аз мурдан
در آتشم از خویت ای یار پس از مردن
Биншин ба сари хокам каз буи ту бархезам
بنشین به سر خاکم کز بوی تو برخیزم
Он ҳалқа ки аз зулфат дар гардан ҷон дорам
آن حلقه که از زلفت در گردن جان دارم
Бигушоем агар рӯзии сад фитнаи барангезам
بگشایم اگر روزی صد فتنه برانگیزم
Омехт ғамати хӯнам бо хок ки нагузорад
آمیخت غمت خونم با خاک که نگذارد
Хӯнӣ ки ба рухи молами хокӣ ки ба сари резам
خونی که به رخ مالم خاکی که به سر ریزم
Аз дарди ту махмурам зон софи сафо парвар
از درد تو مخمورم زان صاف صفا پرور
Вақтаст ки пимоӣии ҷомии ду се лабрезам
وقتست که پیمائی جامی دو سه لبریزم
Зини шеъри сафоҳонии ошӯби хуросонам
زین شعر صفاهانی آشوب خراسانم
Ҳам фитнаи Широзами ҳам офати табризам
هم فتنه شیرازم هم آفت تبریزم