Дили ғмдидаҳ ба тнҳоӣии ҳиҷрон ху кард

دل غمدیده به تنهائی هجران خو کرد

Такя бар зулфи туу боду ҷаҳон икрў кард

تکیه بر زلف تو و باد و جهان یکرو کرد

Гуфтам онрўз ки дили нуктаи зи хол ту шунид

گفتم آنروز که دل نکته ز خال تو شنید

Рахна дар кор мусулмонем ин ҳиндӯ кард

رخنه در کار مسلمانیم این هندو کرد

Чаҳ аҷабгар шаби ошиқи бғлти гашти саҳар

چه عجب گر شب عاشق بغلط گشت سحر

Зон ду рангӣ ки баннои гӯши ту дар гесу кард

زان دو رنگی که بنا گوش تو در گیسو کرد

Нест ҷои гила дар зулфи тавъам яксар мӯ

نیست جای گله در زلف توأم یکسر مو

Кончаҳ кард ӯ басӣаи рӯзии мо некӯ кард

کآنچه کرد او بسیه روزی ما نیکو کرد

Ҳамсарӣ чун сари шӯридаи бъшқ ту наёфт

همسری چون سر شوریده بعشق تو نیافت

Шарҳи савдои ғаматро ҳама бозону кард

شرح سودای غمت را همه بازانو کرد

Ақли борӣки басии гашту миён ту надид

عقل باریک بسی گشت و میان تو ندید

Дидаи ҳис бхто рафт ки фаҳм аз мӯ кард

دیده حس بخطا رفت که فهم از مو کرد

Дили тангами зи даҳони ту нишон ҳеҷ наёфт

دل تنگم ز دهان تو نشان هیچ نیافت

Хӯрда кам гир ки андешаи мавҳум ӯ кард

خورده کم گیر که اندیشه موهوم او کرد

Дорад афсуни мсиҳолби ҷонбхши ту лек

دارد افسون مسیحالب جانبخش تو لیک

Ҳамли ин муъҷизаро чашми ту бар ҷодӯ кард

حمل این معجزه را چشم تو بر جادو کرد

Аҷаб он нест ки зулфи ту зи дили дасти бабрад

عجب آن نیست که زلف تو ز دل دست ببرد

Аҷаб онаст ки бо зулфи ту дил бозу кард

عجب آنست که با زلف تو دل بازو کرد

Дӯши мирФтӣу моҳи рахт аз равзани ҷон

دوش میرفتی و ماه رخت از روزن جان

Партав афкан шуду вайронаи мо минӯ кард

پرتو افکن شد و ویرانه ما مینو کرد

Неки трзист ки оидрмт аз мардуми шаҳр

نیک طرزیست که آیدرمت از مردم شهر

Зон қиёси нигаҳат бебасар аз оҳӯ кард

زان قیاس نگهت بی‌بصر از آهو کرد

Қомати сарви ту зондм ки равон гашт бичишам

قامت سرو تو زاندم که روان گشت بچشم

Обёрм натавон фарқи канор аз ҷӯ кард

آبیارم نتوان فرق کنار از جو کرد

Гарчи мижгони ту дар фитна саф орост вале

گرچه مژگان تو در فتنه صف آراست ولی

Корпрдозии чашмати ҳамаро абрӯ кард

کارپردازی چشمت همه را ابرو کرد

То чаҳ дардии бадал аз сунбулат эй ғолия мӯаст

تا چه دردی بدل از سنبلت ای غالیه موست

Гашти девонаи табибӣ ки даҳонам бӯ кард

گشت دیوانه طبیبی که دهانم بو کرد

Рӯз ҳо рафт зи паҳлавии сафии диҷлаи чашм

روز‌ها رفت ز پهلوی صفی دجله چشم

Ҷурми як шаб ки таманнои ту дар паҳлу кард

جرم یک شب که تمنای تو در پهلو کرد