Дар ишқи ту он баҳра ки ҳосил шавад охир
در عشق تو آن بهره که حاصل شود آخر
Хўнист ки ҷории брх аз дил шавад охир
خونیست که جاری به رخ از دل شود آخر
Мижгони тўсФи бастаи чунин бесабабӣ нест
مژگان تو صف بسته چنین بی سببی نیست
Бар ҳам зани сад қавм ва қабоил шавад охир
بر هم زن صد قوم و قبایل شود آخر
Бар зулфи ту дилбастагии мо бхто нест
بر زلف تو دلبستگی ما به خطا نیست
Девонаи гирифтор слосл шавад охир
دیوانه گرفتار سلاسل شود آخر
Аввали бғмти саҳли супурдами дилу ғофил
اول به غمت سهل سپردم دل و غافل
Каз зулфи ту корами ҳама мушкил шавад охир
کز زلف تو کارم همه مشکل شود آخر
Ҷузи фикри ту аз хотиру ҷузи ёди ту аз дил
جز فکر تو از خاطر و جز یاد تو از دل
Чун нақш бар обаст ки зоил шавад охир
چون نقش بر آبست که زایل شود آخر
Ҳар таъна ки зад холи ту бар ҳастӣ ушшоқ
هر طعنه که زد خال تو بر هستی عشاق
Саҳласт агар ҳал масоил шавад охир
سهلست اگر حل مسائل شود آخر
Дар роҳи ғамати ҷони бспрдиму раво буд
در راه غمت جان بسپردیم و روا بود
Гар дар талабати тай мароҳил шавад охир
گر در طلبت طی مراحل شود آخر