Дили бгисўии ту паии бараду ғам онҷо бигирифташ
دل بگیسوی تو پی برد و غم آنجا بگرفتش
Ёд аз он силсила то кард саро по бигирифташ
یاد از آن سلسله تا کرد سرا پا بگرفتش
Лашгари ҳасан чу сафи басти бтороҷи дилу дайн
لشگر حسن چو صف بست بتاراج دل و دین
Хол бинишаст бароаи дил ва танҳо бигирифташ
خال بنشست براه دل و تنها بگرفتش
Обам аз сари зғми ишқ ту бигузашт ва бишустам
آبم از سر زغم عشق تو بگذشت و بشستم
Даст аз дидаи хўнбор ки дарё бигирифташ
دست از دیده خونبار که دریا بگرفتش
Ҳуш то субҳи қиёмат дигар он маст наёяд
هوش تا صبح قیامت دگر آن مست نیاید
Ки шуд аз чашми ту ӯ бихўд ва саҳбо бигирифташ
که شد از چشم تو او بیخود و صهبا بگرفتش
Хат сабзаст ва ё ҳола бигард маи рӯйиш
خط سبز است و یا هاله بگرد مه رویش
ё худо ин накунад оҳи дил мо бигирифташ
یا خدا این نکند آه دل ما بگرفتش
Сар ва болид бболоу замин то бар зону
سر و بالید ببالا و زمین تا بر زانو
Бахуд аз ғайрати он қомат ва боло бигирифташ
بخود از غیرت آن قامت و بالا بگرفتش
Бар сафӣ нест маломати зи ҷунуни зи онкии бФкрт
بر صفی نیست ملامت ز جنون ز آنکه بفکرت
Нақш рӯй ту парии баст ки савдо бигирифташ
نقش روی تو پری بست که سودا بگرفتش