Меҳраст маро бар лаби пеши лаби қанди ту
مهر است مرا بر لب پیش لب قند تو
НоРоми блби он матлаб кон нест писанди ту
نارم بلب آن مطلب کان نیست پسند تو
Бар лаъли шукр хезам хон то шукри ангезам
بر لعل شکر خیزم خوان تا شکر انگیزم
Гӯи ҳарф ки ҷони резам бар қолаби қанди ту
گو حرف که جان ریزم بر قالب قند تو
Гесу чаҳ кунӣ занҷири пои бандем аз тадбир
گیسو چه کنی زنجیر پا بندیم از تدبیر
Моӣими баҳри тақдир бе силсилаи банди ту
مائیم بهر تقدیر بیسلسله بند تو
Дили рустаи заҳри қайдии ҷузи мӯии ту бе шидӣ
دل رسته زهر قیدی جز موی تو بیشیدی
Берун наравад сайдии ҳаргизи зкмнди ту
بیرون نرود صیدی هرگز زکمند تو
Ишқи ту ҷавон перам кардаасту зҷони сайрам
عشق تو جوان پیرم کرده است و زجان سیرم
Бошад ки замини гирам бар сарви баланди ту
باشد که زمین گیرم بر سرو بلند تو
Пешати ман абҷад хон чун доираи саргардон
پیشت من ابجد خوان چون دایره سرگردان
Ҳар каси бксии ҳайрони ман гӯли бпнди ту
هر کس بکسی حیران من گول بپند تو
Ман пурсам агар чунӣ чанд ореми афсунӣ
من پرسم اگر چونی چند آریم افسونی
Дил донаду длхўнӣ чун ман ва чанд ту
دل داند و دلخونی چون من و چند تو
Аихсрў ҷон бархез шаҳд аз лаби ширини рез
ایخسرو جان برخیز شهد از لب شیرین ریز
Ҳаргиз нарасад шабдиз бар гирди саманди ту
هرگز نرسد شبدیز بر گرد سمند تو
Дар хоби ту бар болини созами зи равони болин
در خواب تو بر بالین سازم ز روان بالین
Чанд ар назанад насрин паҳлу биппаранд ту
چند ار نزند نسرین پهلو بپرند تو
Мижгонати баҳри мавқиф яксар зада бар сад саф
مژگانت بهر موقف یکسر زده بر صد صف
Ҳрз оварамат мусҳаф аз бими газанди ту
حرز آورمت مصحف از بیم گزند تو
Пурсами ман аз он бозат то бишинавам овозат
پرسم من از آن بازت تا بشنوم آوازت
Аз бӯса кашад нозати ин ҳоҷатманди ту
از بوسه کشد نازت این حاجتمند تو
То бар рахт аз ғофил чашмӣ нафитад комил
تا بر رخت از غافل چشمی نفتد کامل
Дар миҷмари ҳасанат дил созем сапанди ту
در مجمر حسنت دل سازیم سپند تو
Розӣ ки блб гӯям пешат бодб гӯям
رازی که بلب گویم پیشت بادب گویم
Аз ишқ ва тараб гӯям на аз паии панди ту
از عشق و طرب گویم نه از پی پند تو