зи тариқи бандагии алӣ на агар башар ба худо расад
ز طریق بندگی علی نه اگر بشر به خدا رسد
Ба чаҳ дил наад ? ба ки рӯ кунад ? ба чаҳ сӯ равад ? ба куҷо расад
به چه دل نهد؟ به که رو کند؟ به چه سو رود؟ به کجا رسد
зи худои талаби дили мқблӣ ба алии зи ҷони мутавассилӣ
ز خدا طلب دل مقبلی به علی ز جان متوسلی
Ки агар расад ба алии дилӣ ба алии қисм ба худо расад
که اگر رسد به علی دلی به علی قسم به خدا رسد
Азалии вилоят ӯ буд абадии аноят ӯ буд
ازلی ولایت او بود ابدی عنایت او بود
зи кафи кифоят ӯ буд зи худо ҳар он чаҳ ба мо расад
ز کف کفایت او بود ز خدا هر آنچه به ما رسد
Ба алӣ агар барии илтиҷо чаҳ дар ин саро чаҳ дар он саро
به علی اگر بری التجا چه در این سرا چه در آن سرا
Ҳамаи ҳоҷат ту шавад равои ҳамаи дарди ту ба даво расад
همه حاجت تو شود روا همه درد تو به دوا رسد
Алӣ эй ту ёвару ёри мо асФо ба ҳоли фигори мо
علی ای تو یاور و یار ما اسفا به حال فگار ما
На агар ба уқдаи кори мо мадад аз ту уқда гшо расад
نه اگر به عقده کار ما مدد از تو عقدهگشا رسد
На ба ҳаркии ҳарки фидо шавад чу фидойии ту ба ҷо шавад
نه به هرکه هرکه فدا شود چو فدایی تو به جا شود
Ки ҳар он ки дар ту фано шавад зи чунин фано ба бақо расад
که هر آنکه در تو فنا شود ز چنین فنا به بقا رسد
Буд эй мураббии ҷону дили зи ту хайма гарчи дар обу гул
بود ای مربی جان و دل ز تو خیمه گرچه در آب و گل
Туе он ки файзи ту муттасил ба Фариштагон само расад
تویی آنکه فیض تو متصل به فرشتگان سما رسد
Ду ҷаҳони раҳин аноятати раҳи ҳақи тариқи ҳидоятат
دو جهان رهین عنایتت ره حق طریق هدایتت
Ҳамаро ба хон вилоятати зи худои ҳамора сало расад
همه را به خوان ولایتت ز خدا هماره صلا رسد
Ба ғадири хам чу ба амри ҳўи бстўдти Аҳмади неки ху
به غدیر خم چو به امر هو بستودت احمد نیکخو
Ба ҷаҳонёни зи Нидоӣ ӯ ҳамаи лаҳзаи лаҳза Нидо расад
به جهانیان ز ندای او همه لحظهلحظه ندا رسد
зи рахт ки нури худо аз он буд эй вале худои аён
ز رخت که نور خدا از آن بود ای ولی خدا عیان
Ба дил ва ба дидаи ошиқони ҳамаи лмъаҳи лмъаҳ зё расад
به دل و به دیدهٔ عاشقان همه لمعهلمعه ضیا رسد
Ба мўолФи ту мақари ҷинон ба мухолифи ту сқри макон
به موالف تو مقر جنان به مخالف تو سقر مکان
Ба ту нек ва бад шавад имтиҳони зи ту хайру шар бҷзо расад
به تو نیک و بد شود امتحان ز تو خیر و شر بجزا رسد
Чу манӣ куҷоу санои ту ки туро сутӯдаи худои ту
چو منی کجا و ثنای تو که تو را ستوده خدای تو
Чаҳ баён кунам ба сазои ту ки туро ба ҳад сано расад
چه بیان کنم به سزای تو که تو را به حد ثنا رسد
Магар аз забунии худ забон бигушоем эй шаҳи инсу ҷон
مگر از زبونی خود زبان بگشایم ای شهِ انس و جان
Ки кунад зи меҳнати худ баён ба ҳузури шаҳ чу гадо расад
که کند ز محنت خود بیان به حضور شه چو گدا رسد
Ту шаҳӣу бандаи гадои ту сару ҷони ман ба фидои ту
تو شهی و بنده گدای تو سر و جان من به فدای تو
Чаҳ шавад зи барг ва навой ту дили бенаво ба наво расад
چه شود ز برگ و نوای تو دل بینوا به نوا رسد
Дили ман ки ғунчаи сифати шҳо шуда хӯн сазад чу гул аз сабо
دل من که غنچهصفت شها شده خون سزد چو گل از صبا
зи насими лутфи ту зўолъто ба камоли лутф ва сафо расад
ز نسیم لطف تو ذوالعطا به کمال لطف و صفا رسد
Ту ба ҳақи з ҳарчӣ мақдамӣ ба қазои ту омиру ҳокимӣ
تو به حق ز هرچه مقدمی به قضا تو آمر و حاکمی
зи ту байнами он чаҳ ба ман ҳамеи з қадар равад з қазо расад
ز تو بینم آنچه به من همی ز قدر رود ز قضا رسد
Ба сағири хастаи лақои ту буд интиҳои атои ту
به صغیر خسته لقای تو بود انتهای عطای تو
Чу ба қоилин санои ту з дар ту аҷр ва ато расад
چو به قائلین ثنای تو ز در تو اجر و عطا رسد