Шерам вале асир ба доми ғизоли дӯст
شیرم ولی اسیر به دام غزال دوست
Чун неи тиҳии зи хешаму пар аз мақоли дӯст
چون نی تهی ز خویشم و پر از مقال دوست
Дар рӯй халқи дидаи ҳайрат гушӯда ам
در روی خلق دیدهٔ حیرت گشودهام
Байнами магари ҷамоли ъдими алмсоли дӯст
بینم مگر جمال عدیم المثال دوست
Манъам макун ки хоки раҳ душманон шудам
منعم مکن که خاک ره دشمنان شدم
Гаштами чунин магар ки шавам поймоли дӯст
گشتم چنین مگر که شوم پایمال دوست
Аз бори ғам буд алифи қоматам чу дол
از بار غم بود الف قامتم چو دال
Дар орзӯии қомат бо эътидоли дӯст
در آرزوی قامت با اعتدال دوست
Сад захми хор ҳиҷр бихӯрадему оқибат
صد زخم خار هجر بخوردیم و عاقبت
Як гул начидаем зи боғи висоли дӯст
یک گل نچیدهایم ز باغ وصال دوست
Доранд мардумон ба дили худ басии хаёл
دارند مردمان به دل خود بسی خیال
Дар дили сағирро набӯд ҷузи хаёли дӯст
در دل صغیر را نبود جز خیال دوست