Биё эй иди муштоқон ки аз ҳиҷри ду абрӯят
بیا ای عید مشتاقان که از هجر دو ابرویت
Ҳилолии гашти пушти рӯзаи дорони маи рӯят
هلالی گشت پشت روزه داران مه رویت
На дайн аз куфр бишносам на рӯз аз шаб ки бигузорад
نه دین از کفر بشناسم نه روز از شب که بگذارد
Дамии уфтами бФкри хештани ёди руху мӯят
دمی افتم بفکر خویشتن یاد رخ و مویت
Фароҳам мекунам баҳри худ асбоби парешоне
فراهم میکنم بهر خود اسباب پریشانی
Ки шояд нисбатӣ пайдо кунад ҳолами бгисўит
که شاید نسبتی پیدا کند حالم بگیسویت
Нагаштӣ саҷдаи гоҳи халқи олам то абади каъба
نگشتی سجده گاه خلق عالم تا ابد کعبه
Накардӣ дар азалгар саҷда бар миҳроби абрӯят
نکردی در ازل گر سجده بر محراب ابرویت
Фиканд аз ғамзаиҳо рӯи туро дар чаҳ ман мискин
فکند از غمزهٔی ها رو ترا در چه من مسکین
Тавонам чун саломати ҷон барам аз чашми ҷодӯят
توانم چون سلامت جان برم از چشم جادویت
Муқӣми онкў бкўит шуд нмиҷўиди биҳишти оре
مقیم آنکو بکویت شد نمیجوید بهشت آری
Биҳиштаст орзӯманди муқӣмони сари Кувайт
بهشت است آرزومند مقیمان سر کویت
Ман ар дидор гул ҷӯям вагар машк хутан бӯем
من ار دیدار گل جویم و گر مشک ختن بویم
Аз аиндорми ғарази рангати взондорми тамаъи бӯят
از ایندارم غرض رنگت وزآندارم طمع بویت
Сағир аз остонат кӣ тавонад рӯй бартобад
صغیر از آستانت کی تواند روی برتابد
Ки ҳар сӯ рӯй бинмоед дил ӯро мекашад сӯят
که هر سو روی بنماید دل او را میکشد سویت