Сеӣ қади ту ба сарви канор ҷӯ монад
سهی قد تو به سرو کنار جو ماند
Бичишам ман биншин кон биҷӯ накӯ монад
بچشم من بنشین کان بجو نکو ماند
Дар азӣ шаби ҳиҷрони дилами Фсрд аммо
در ازی شب هجران دلم فسرد اما
Аз ин хушам ки бидон зулф мшгбў монад
از این خوشم که بدان زلف مشگبو ماند
Чу чашми масти ту наргис бидид шуд бемор
چو چشم مست تو نرگس بدید شد بیمار
Барои инки бигӯянд ин бова монад
برای اینکه بگویند این باو ماند
Ҳамеша чашм туро ҳаст майли хӯни резӣ
همیشه چشم ترا هست میل خون ریزی
Худ ин ба мардум бе боки фитна ҷӯ монад
خود این به مردم بی باک فتنه جو ماند
Чаҳ орзӯаст надонам ки сӯзи оҳи сағир
چه آرزوست ندانم که سوز آه صغیر
Бисӯз оҳи дили пари з орзӯ монад
بسوز آه دل پر ز آرزو ماند