Ҳар дил ба умедии паии дилдори баромад
هر دل به امیدی پی دلدار برآمد
Зон ҷумлаи дили ман паии дидори баромад
زان جمله دل من پی دیدار برآمد
Ҳолеи ҳамаи ҷои мингрми талъат ӯ ро
حالی همه جا مینگرم طلعت او را
Сад шукр ки коми дилам аз ёри баромад
صد شکر که کام دلم از یار برآمد
Баргӯаш ман он замзама аз ҷумлаи ашёъ
برگوش من آن زمزمه از جمله اشیاء
Ояд ки зи Мансури сари дори баромад
آید که ز منصور سر دار برآمد
Бар дар қадами ёри биФкндм ва сад шукр
بر در قدم یار بیفکندم و صد شکر
Каз дасти ман длшдаҳи ин кори баромад
کز دست من دلشده این کار برآمد
Ҷузи аҳли дил ӯро нашносад ва набенанд
جز اهل دل او را نشناسد و نبینند
Бо онкии зи хилвати сари бозори баромад
با آنکه ز خلوت سر بازار برآمد
Алҳақ ки буд оятӣ аз ҳису ҷамолаш
الحق که بود آیتی از حس و جمالش
Ҳар гул ки бтрФи чаман аз хори баромад
هر گل که بطرف چمن از خار برآمد
Май хост ки аз аҳли назар дил бирабоед
می خواست که از اهل نظر دل برباید
Бо ин ҳамаи крўи фару осори баромад
با این همه کرو فر و آثار برآمد
Ҳайфаст нарафтани бхридории оншўх
حیف است نرفتن بخریداری آنشوخ
Коншўхи бадунболи харидори баромад
کانشوخ بدنبال خریدار برآمد
Хуши ?чанаки ту афканд бидон турраи сғиро
خوش چنک تو افکند بدان طره صغیرا
Оҳӣ ки туро аз дили афкори баромад
آهی که ترا از دل افکار برآمد