Дили зи қайди ғамат эй дӯст раҳо натавон кард

دل ز قید غمت ای دوست رها نتوان کرد

Ҳаст дардии ғами ишқат ки даво натавон кард

هست دردی غم عشقت که دوا نتوان کرد

Метавон дайну дилу ақли з каф дод вале

میتوان دین و دل و عقل ز کف داد ولی

Риштаи зулфи ту аз даст раҳо натавон кард

رشتهٔ زلف تو از دست رها نتوان کرد

То дил ҷом нашуд хӯн ба лбонт нарасед

تا دل جام نشد خون به لبانت نرسید

Аз ту бихўни ҷигари ком раво натавон кард

از تو بیخون جگر کام روا نتوان کرد

Аз фалаки ростӣ ва аз дили ман сабру қарор

از فلک راستی و از دل من صبر و قرار

Вази накӯёни тамаъи меҳр ва вафо натавон кард

وز نکویان طمع مهر و وفا نتوان کرد

Ба раҳи каъбаи зи пои рӯ ба раҳи ишқи зи сар

به ره کعبه ز پا رو به ره عشق ز سر

Зон ки таии марҳалаи ишқ ба по натавон кард

زان که طی مرحلهٔ عشق به پا نتوان کرد

Дар ҳақиқат чу бибинӣ дил ва дилдор якеаст

در حقیقت چو ببینی دل و دلدار یکیست

Оре аз икдгри ин ҳар ду ҷудо натавон кард

آری از یکدگر این هر دو جدا نتوان کرد

Ин ман ва мо ки ту бинӣ ҳама бошад зи фироқ

این من و ما که تو بینی همه باشد ز فراق

Варна дар васли ҳадис аз ман ва мо натавон кард

ورنه در وصل حدیث از من و ما نتوان کرد

Манъам аз мемакун эй шайх ки бо пери Муғон

منعم از می مکن ای شیخ که با پیر مغان

Кардаам аҳдӣ ва он аҳд хато натавон кард

کرده‌ام عهدی و آن عهد خطا نتوان کرد

Ашк мазлӯм кунад хонаи золими вайрон

اشک مظلوم کند خانهٔ ظالم ویران

Дар раҳи сайли балии хона банно натавон кард

در ره سیل بلی خانه بنا نتوان کرد

эй чароғи амли афрӯхтаи ғофили зи аҷал

ای چراغ‌ امل افروخته غافل ز اجل

Шамъи равшан ба раҳи бод сабо натавон кард

شمع روشن به ره باد صبا نتوان کرد

Дар сафои саъии намо то ба мақомӣ барисӣ

در صفا سعی نما تا به مقامی برسی

Қурби ҳақи дараки ҷуз аз роҳ сафо натавон кард

قرب حق درک جز از راه صفا نتوان کرد

Ғами олами ҳамагар қисмати мо гашти сағир

غم عالم همه گر قسمت ما گشت صغیر

Чаҳ тавон кард ки тағйир қазо натавон кард

چه توان کرد که تغییر قضا نتوان کرد