Раҳад зи зулфи ту дил дар бар ман ояд боз
رهد ز زلف تو دل در بر من آید باز
Агар ки съўаҳ мискин раҳад зи чнгли боз
اگر که صعوهٔ مسکین رهد ز چنگل باز
Бики нигоҳи ту аз ҳуш ончунон рафтам
بیک نگاه تو از هوش آنچنان رفتم
Ки то бсбҳи қиёмат бахуд ниёем боз
که تا بصبح قیامت بخود نیایم باز
Туро бкнҷи лаби лаъли дона холӣ аст
تو را بکنج لب لعل دانهٔ خالی است
Ки мурғи ҷони бҳўоиш ҳаме кунад парвоз
که مرغ جان بهوایش همی کند پرواز
Бғири чашми ту каз ғамзаи сайд халқ кунад
بغیر چشم تو کز غمزه صید خلق کند
Брўзгори каси оҳӯи надидаи тирандоз
بروزگار کس آهو ندیده تیرانداز
Агар ту қиблаи мақсӯди нестӣ аз чист
اگر تو قبله مقصود نیستی از چیست
Ду абрӯӣ ту бичишам оядам буқати намоз
دو ابروی تو بچشم آیدم بوقت نماز
Чаҳ мазҳарии ту ки лаъли лаб туам вазад
چه مظهری تو که لعل لب توام وزد
Бсд чу исои Марями каромату эъҷоз
بصد چو عیسی مریم کرامت و اعجاز
Бхокпоӣ ту кардам ниёз ҳастӣ хеш
بخاکپای تو کردم نیاز هستی خویش
Бнозмт ки ту ҳастӣ ҳануз бар сари ноз
بنازمت که تو هستی هنوز بر سر ناز
Бғир рӯй туам дар назар наме ояд
بغیر روی توام در نظر نمی آید
Чаҳ дар ямину ясор ва чаҳ дар нишебу фароз
چه در یمین و یسار و چه در نشیب و فراز
Шигифт нест зи Мансур агар аноолҳқ гуфт
شگفت نیست ز منصور اگر اناالحق گفت
Ки аз тамомии ашё бар ояд ин овоз
که از تمامی اشیا بر آید این آواز
Чаҳ розҳо ки зи пер Муғон шунид сағир
چه رازها که ز پیر مغان شنید صغیر
Бмҷлсӣ ки сабо ҳам набӯд муҳаррами роз
بمجلسی که صبا هم نبود محرم راز