Сад шукри фориғами зи тамошои боғу роғ
صد شکر فارغم ز تماشای باغ و راغ
Каз ёд глрхӣаст мусаффои дилам чу боғ
کز یاد گلرخی است مصفا دلم چو باغ
Сад чоки боди ҳамчуи гул аз неши хори ғам
صد چاک باد همچو گل از نیش خار غم
Ҳар дили зи ишқ ёр надорад чу лолаи доғ
هر دل ز عشق یار ندارد چو لاله داغ
Доранд ҷилваи моҳу шани пеши ёри ман
دارند جلوه ماهوشان پیش یار من
Гар пеш офтоб диҳад равшании чароғ
گر پیش آفتاب دهد روشنی چراغ
Аз зулф ӯ суроғи дил хеш мекунам
از زلف او سراغ دل خویش میکنم
Оре кунад зи гумшудааш ҳар касе суроғ
آری کند ز گمشدهاش هر کسی سراغ
Ҷонами зи зуҳд хшг малуласт соқио
جانم ز زهد خشگ ملولست ساقیا
Лутфӣ кун взбодаҳи марои созтар димоғ
لطفی کن و ز باده مرا ساز تر دماغ
Якбора аз ду ҷуръа месӯхт ҳастем
یکباره از دو جرعهٔ می، سوخت هستیم
Соқӣ чаҳ бода буд марои рехт дар аёғ
ساقی چه باده بود مرا ریخت در ایاغ
Пайвастаи ном май барӣ аз хештани сағир
پیوسته نام میبری از خویشتن صغیر
Гар ошиқии зи хеши надорӣ чаро фироқ
گر عاشقی ز خویش نداری چرا فراغ