Дарбанди зулфи ёр чу шуд мубталои дилам
دربند زلف یار چو شد مبتلا دلم
Якбора шуд зи қайди ду олами раҳои дилам
یکباره شد ز قید دو عالم رها دلم
Дайр ва ҳарам кунанд бигардаш ҳамеи тавоф
دیر و حرم کنند بگردش همی طواف
То гашта ҷои он санами дилрабо бо дилам
تا گشته جای آن صنم دلربا با دلم
Нозами сафои софӣ бе дарди суфиён
نازم صفای صافی بی درد صوفیان
Каз як пиёлааш шудаи дори алсФои дилам
کز یک پیاله اش شده دار الصفا دلم
Кардам блтФи Хизр чу зулмот ва ҳам тай
کردم بلطف خضر چو ظلمات و هم طی
Дидам ки ҳаст чашмаи оби бақои дилам
دیدم که هست چشمهٔ آب بقا دلم
Онҷо ки рафтааст дилами ҷуз худоӣ нест
آنجا که رفته است دلم جز خدای نیست
Донад худоу бас ки буд дар куҷои дилам
داند خدا و بس که بود در کجا دلم
Ҳайф аст башикананд бснки ҷафо ки ҳаст
حیف است بشکنند به سنگ جفا، که هست
Як шишаи пари зи ҷавҳари меҳру вафои дилам
یک شیشه پر ز جوهرِ مهر و وفا دلم
Бегона гаштааст зи халқи ҷаҳони сағир
بیگانه گشته است ز خلق جهان صغیر
То бо алӣу ол шудаи ошнои дилам
تا با علی و آل شده آشنا دلم